फर्रुखाबाद में बंधन मुक्त होकर जब बच्चों को सुभाष के घर से पुलिस कर्मियों ने निकाला तो उन्हें देख उनके परिजनों की जान में जान आई। सभी ने अपने-अपने कलेजे के टुकड़ों को गले से लगा लिया। तो कई बच्चों के माताओं की खुशी से आंखें भी नम हो गईं।
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अपने कलेजे के टुकड़ों को देख आई जान में जान
- फोटो : amar ujala
पुलिस कार्रवाई में सुभाष की मौत होने के बाद डाक्टरों की टीम ने सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान किसी को सुभाष के घर के अंदर नहीं जाने दिया। सभी अपने बच्चों को सकुशल देखने को परेशान थे।
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अपने कलेजे के टुकड़ों को देख आई जान में जान
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जब सभी बच्चों को स्वास्थ्य परीक्षण हो गया और सभी स्वस्थ्य थे तब बच्चों को पुलिस कर्मियों ने बाहर निकालकर एक-एक कर उनके माता पिता को सौंपा तो परिजनों ने अपने लाडले को सीने लगा लिया और माथे को चूमकर पूछा बेटा सुभाष ने पीटा तो नहीं था।
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अपने कलेजे के टुकड़ों को देख आई जान में जान
- फोटो : amar ujala
बच्चे ने अपनी डर भरी दास्तां माता-पिता को बताई। सभी बच्चों के माता-पिता व अन्य परिजन अपने कलेजे के टुकड़ों को देख कर ऊपर वाले और पुलिस का धन्यवाद करते नजर आए। कहा कि पुलिस ने सही समय पर उचित फैसला लिया। तभी उसके बच्चे सकुशल मिल सके।
फर्रुखाबाद में एक सिरफिरे ने 23 बच्चों को बंधक बना रखा था। लखनऊ से करीब 200 किलोमीटर दूर मोहम्मदाबाद के कथरिया गांव में हुई घटना से पूरा प्रशासन हिल गया है और बच्चों को छुड़ाने के लिए कमांडो तक को बुलाना पड़ा है। 12 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि बच्चों को बचाने के लिए पुलिस आरोपी के घर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी। इसी दौरान आरोपी ने बचने के लिए पुलिस पर फायर किया जिसके बाद पुलिस मुठभेड़ में आरोपी को मार गिराया गया।