नौबस्ता के केशवनगर में नवविवाहिता इंजीनियर आरजू की हत्या के मामले में रविवार को पुलिस पति अमनदीप व ससुर को हिरासत में लेकर घाट पर पहुंची। यहां शव का अंतिम संस्कार किया गया। अमनदीप ने पत्नी के शव को मुखाग्नि दी।
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बिलखते आरजू के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
आरजू के पिता नीरज कटारे बेटी की मौत से इस कदर आहत थे कि उन्होंने बेटी के अंतिम संस्कार में जाने से इनकार कर दिया। उनकी हालत को देखते हुए कुछ परिवारीजन भी उन्हीं के साथ गेस्टहाउस में रुके रहे। बेटी आरजू के शव से लिपटकर मां इसकदर रोई कि वहां मौजूद हर कोई फफक पड़ा।
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कानपुर में इंजीनियर बहू की हत्या: मृतका आरजू
- फोटो : amar ujala
गहोई समाज से ही ताल्लुक रखते हैं दोनों परिवार
आरजू के मायका पक्ष के लोगों को अभी भी इस बात का भरोसा नहीं हो रहा है कि ससुरालीजनों ने उसकी हत्या की होगी। गहोई वैश्य कल्याण समिति के सदस्य संजय बिसवारी ने बताया कि लड़का और लड़की दोनों पक्ष ही गहोई समाज से ताल्लुक रखते हैं।
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पति के साथ आरजू (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
शादी से लेकर विदाई तक कहीं किसी तरह की कोई समस्या नहीं हुई थी। दहेज को लेकर भी किसी तरह की मांग नहीं थी। आरजू और अमनदीप बंगलूरू में एक ही कंपनी में काम करने के बावजूद एक दूसरे को नहीं जानते थे।
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पति के साथ आरजू की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
इसी समाज से जुड़े कानपुर में रहने वाले आरजू के फूफा घी कारोबारी अंचल सपोलिया समेत कई लोगों की मध्यस्थता से यह विवाह हुआ था। शादी के बाद आरजू अक्सर अपनी खुशहाल जिंदगी की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर किया करती थी।
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आरजू गुप्ता की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में ससुरालीजनों के मन में क्या चल रहा था, इसका किसी ने अंदाजा तक नहीं लगाया था। बिसवारी ने बताया कि गहोई समाज के कई व्हाट्सएप ग्रुप हैं जिनमें कई प्रदेशों के लोग जुड़े हुए हैं। यह करतूत व्हाट्सएप ग्रुपों में चर्चा का विषय बनी रही। लोगों ने जमकर आलोचना की।
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नौबस्ता गहोई भवन में आरजू गुप्ता के दुखी परिजन
- फोटो : अमर उजाला
दोनों पक्षों के बीच हुई पंचायत सिफर
अंतिम संस्कार के बाद दोनों पक्षों से संभ्रांत लोगों के बीच कई घंटे तक पंचायत चली, लेकिन नतीजा सिफर रहा। आरजू के पिता नीरज ने बताया कि बेटी को किसी तरह की शिकायत नहीं थी। मौत से पहले भी आरजू ने घर पर फोन कर बात की थी और उस वक्त भी उसे कोई शिकायत नहीं थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि के बाद भी अगर वो चुप रहे तो उनकी अर्न्तात्मा हमेशा उनको कोसती रहेगी।
नहीं ब्याहेंगे कानपुर में अपने घरों की बेटियां
बिसवारी ने बताया कि इस कांड से समाज के लोगों में गहरा रोष है। कानपुर के बाहर रहने वाले दर्जनों लोगों ने उन्हें फोन कर घटना के विषय में जानकारी हासिल की। उन्होंने बताया कि कांड से डरे समाज के लोगों ने कानपुर में अपनी बेटियों को ब्याहने तक से इनकार कर दिया है।