रिटायर्ड कर्नल मान सिंह से 86 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर अपने खाते में ट्रांसफर कराने वाले गैंग के चार सदस्यों को पुलिस टीमों ने नोएडा से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को पुलिस ने शनिवार शाम जेल भेजने की कार्रवाई की।
बता दें कि फतेहपुर के हरिहरगंज मोहल्ला निवासी रिटायर्ड कर्नल आर मान सिंह ने 27 मार्च को ठगी की एफआईआर दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि एक निजी बैंक से कर्मी होना बताकर कॉल की जाती रही।
इसमें बताया गया कि पॉलिसी मेच्योर होने में थोड़ी बाधा है। आप चाहें तो इसे कैंसिल कर मेच्योरिटी का रुपया वापस करा दिया जाएगा। इसके लिए प्रोसेसिंग फीस जमा करनी होगी। इसके बाद कॉलर के झांसे में फंसकर 17 अगस्त से 14 मार्च तक चौदह बार में 86 लाख 77 हजार 10 रुपये रिटायर्ड कर्नल ने ठगों को दे दिए। बड़ी रकम होने के कारण जांच क्राइम ब्रांच इन्वेस्टीगेशन को दी गई।
मामले की जांच में लखनऊ एसटीएफ भी लगी हुई थी। टीम को बैंक डिटेल से आरोपी ट्रैस हुए। टीम ने नोएडा के सेक्टर 22 से आरोपियों को बिहार प्रांत के रोहतास जिले के दिनारा गांव के महेंद्र कुमार के बेटे अश्वनी कुमार, गाजियाबाद क्रिश्चियन नगर निवासी रघुवर दयाल का बेटा सुनील पाल, देवरिया जिले के कोतवाली क्षेत्र निवासी जितेंद्र का बेटा पंकज तिवारी, बंदायू जिले झौंगी थाना क्षेत्र तेलियरगंज निवासी यादराम के बेटे दीपक कुमार साहू को को गिरफ्तार किया है।
यह लोग गोल्डेन सर्विसेज नाम की फर्म खोले थे। एसआई कैलाश नाथ ने बताया कि आरोपियों में दीपक कुमार साहू और अश्वनी कुमार मास्टरमाइंड हैं। इन्हीं के खाते में रकम ट्रांसफर कराई गई थी। बाकी दो सदस्य कॉल करते थे। कोतवाल दीपक पांडेय ने बताया कि आरोपियों को जेल भेजने की कार्रवाई की गई है।