उन्नाव में 12 सितंबर को दही चौकी स्थित गैस बॉटलिंग प्लांट में आग लगने से दो घंटे पहले (सुबह 8 बजे) गैस टैंकर के चालक आरिफ का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया था। पुलिस का दावा है कि जिस मोबाइल नंबर से गैस प्लांट के अधिकारी चालक से बात करने का दावा कर रहे हैं वह उसके घर का नंबर है। चालक का मोबाइल स्विच ऑफ होने के बाद अब तक खुला ही नहीं।
विज्ञापन
2 of 6
आग की चपेअ में आकर और टैंकरों पर मंडरा रहा था खतरा
- फोटो : अमर उजाला
सर्विलांस की मदद से यह जानकारी जुटाने के बाद अब पुलिस इस बात का पता लगा रही है वह व्यक्ति कौन है, जो खुद को टैंकर चालक बता घर के नंबर से प्लांट के अधिकारियों से बात कर उन्हें गुमराह कर रहा था। इसके लिए पुलिस टीम शीघ्र ही प्रतापगढ़ जाएगी। पुलिस के मुताबिक गैस बॉटलिंग प्लांट के जिस टैंकर में गैस रिसाव के बाद आग लगी उसका चालक प्रतापगढ़ जिले के अंटू थाना क्षेत्र का रहने वाला है।
विज्ञापन
3 of 6
प्लांट में आग के बाद मची तबाही
- फोटो : अमर उजाला
कुनवां गांव निवासी आरिफ पुत्र मोहर अली 11 सितंबर को औरैया से गैस का टैंकर लेकर दही चौकी प्लांट पहुंचा। 12 सितंबर को सुबह 10 बजे इसी गैस टैंकर का वॉल्व टूटने से गैस रिसाव के बाद आग लगी थी। घटना की जांच कर रहे एचपी के अधिकारियों ने टैंकर के मालिक संजय लीना को बुलाकर चालक का मोबाइल नंबर लिया गया।
4 of 6
आग के बाद जले खड़े टैंकर
- फोटो : अमर उजाला
प्लांट के अधिकारियों ने दावा किया कि 15 सितंबर तक चालक आरिफ की उनसे बात हुई। कोतवाल दिनेश चंद्र मिश्र ने बताया कि चालक आरिफ का नंबर 12 सितंबर की सुबह 8 बजे से स्विच ऑफ है। टैंकर चालक के घर के नंबर से आरिफ बनकर कौन बात कर रहा था इसकी जांच के लिए प्रतापगढ़ के अंटू थाना की पुलिस से संपर्क किया गया है। शीघ्र रहस्य सुलझाने के लिए कोतवाली पुलिस की एक टीम प्रतापगढ़ भी जाएगी।
विज्ञापन
5 of 6
उन्नाव में एचपी गैस बॉटलिंग प्लांट में आग का मामला
- फोटो : अमर उजाला
नहर में शव के पास मिला विजिटर कार्ड नकली है : मैनेजर
तीन दिन पहले शहर कोतवाली क्षेत्र में शारदा नहर में मिले शव के पास एचपी का विजिटर कार्ड मिला था। इस पर शव उस टैंकर के लापता चालक का होने का अनुमान लगाया जा रहा था जिसमें गैस रिसाव से आग लगी थी। एचपी के प्लांट मैनेजर महेंद्र सिंह यादव ने बताया पुलिस ने शव के पास जो हूबहू एचपी का विजिटर कार्ड बरामद किया है उसका फार्मेट तो एचपी का, लेकिन कार्ड नकली है।
एचपी के गैस बॉटलिंग प्लांट पर प्रदर्शन करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
बताया कि गैस लेकर आने वाले टैंकर चालकों को टेरेटरी कार्ड ही दिया जाता है। जो विजिटर कार्ड पुलिस ने बरामद किया है वह प्लांट से कभी जारी ही नहीं किया गया। उसमें प्लांट की मुहर और मैनेजर के हस्ताक्षर भी नहीं है। पुलिस जांच कर रही है कि यह कार्ड किसने और क्यों बनाया। शव की शिनाख्त कराने की कोशिश जारी है।