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मदरसा शिक्षक बन बम बनाना सिखाना चाहता था डॉ. बम, छात्रों को आतंक की राह पर धकेलने की थी साजिश

Thu, 23 Jan 2020 12:54 PM IST
शिखा पांडेय सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
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डॉ. बम - फोटो : अमर उजाला
आतंकी जलीस अंसारी उर्फ डॉ. बम मदरसों में अपनी पैठ बनाकर आतंक की पाठशाला चलाना चाहता था। वह मदरसा छात्रों को बम बनाना सिखाना चाहता था और बरगलाकर आतंक की राह पर झोंकने के फिराक में था। नापाक मंसूबों को अंजाम देने के लिए वह किसी मदरसे में शिक्षक बनने का जुगाड़ लगा रहा था। सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में उसने यह बात बताई है।
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डॉ. बम - फोटो : अमर उजाला
एसटीएफ के मुताबिक जलीस अपने पुराने साथियों की मदद से किसी न किसी मदरसे से जुड़ना चाहता था। इसके लिए वह पूरे प्रदेश के मदरसों के बारे में जानकारी जुटा रहा था। पूछताछ में उसने एसटीएफ को बताया कि नेपाल में भी पकड़े जाने का डर रहता इसलिए वह किसी मदरसे को ठिकाना बनाना चाहता था। जब यह जुगाड़ नहीं हो पाता, तब वह नेपाल जाता।
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डॉ. बम - फोटो : अमर उजाला
खाका था तैयार 
एसटीएफ को जलीस के पास से कुछ ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनमें मदरसा छात्रों को बरगलाने का पूरा खाका है। बम बनाने की तरीके भी लिखे हैं।

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डॉ. बम - फोटो : अमर उजाला
विद्रोह करवाना था मकसद
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक जलीस किसी एक मदरसे में नहीं, बल्कि अलग-अलग मदरसों में जाकर जिहाद का पाठ पढ़ाना चाहता था। वह सीएए, 370 समेत अन्य मुद्दों पर युवाओं को भड़का कर विद्रोह करवाने की फिराक में जुटा था। इसके लिए उसने कानपुर व लखनऊ को सबसे पहले चुना था। सीएए के विरोध में जहां-जहां हिंसा हुई  है, वो शहर लिस्ट में थे।
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डॉ. बम - फोटो : अमर उजाला
खुरासान मॉड्यूल से जुड़े युवाओं की थी तलाश
कानपुर में खुरासान मॉड्यूल का खुलासा होने के बाद एटीएस ने जब जांच की, तो दस से अधिक ऐसे युवाओं का पता लगा था, जो इस मॉड्यूल के संपर्क में थे, लेकिन किसी वारदात में शामिल नहीं थे। पकड़े गए आतंकी इन सभी को बरगला रहे थे, तबसे एटीएस इन सभी लड़कों की लगातार काउंसलिंग कर रही है। जलीस इन युवाओं से भी संपर्क करना चाहता था।

आतंकी डॉ. जलीस अंसारी मदरसों से जुड़ने का प्रयास कर रहा था। वह छात्रों को बम बनाना सिखाना चाहता था। साथ ही आतंकी प्रशिक्षण देने की फिराक में था। इसके लिए वह अपनी पहचान भी बदलने वाला था। साजिश का पूरा खाका वह तैयार कर चुका था। वह अपने पुराने साथियों को जोड़ता और फिर साजिश को अंजाम देता। - अमिताभ यश, आईजी, यूपी एसटीएफ 

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