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UP Board result 2018: निराश छात्रों में 'जोश भर देंगी' ये 5 बातें 

Mon, 30 Apr 2018 08:48 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डेमाे पिक
यूपी बोर्ड दसवीं और बारहवीं के नतीजे अाते ही जिनके नंबर अच्छे हैं वे तो खुशी मना रहे हैं लेकिन कम नंबर प्राप्त करने वालों को निराश होने की जरूरत नहीं हैं। मनोचिकित्सकों का मानना है कि परीक्षा में अच्छे नंबर लाना बुरा नहीं है। लेकिन, नंबर कम आएं तो बेवजह का तनाव पाल लेना सबसे बुरा हो सकता है। इससे आपके भविष्य की तैयारियों को झटका लगेगा तो सिर्फ आप ही नहीं, बल्कि पूरा परिवार परेशान होगा। ये पांच बातें निराश छात्रों में जोश भर देंगी... 
 
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डेमाे पिक
 इस बार यूपी बोर्ड की परीक्षा में कक्षा दसवीं और बारहवीं के करीब तीन लाख छात्र-छात्राएं शामिल हुए हैं। नतीजों के संबंध में मनोचिकित्सक डॉ. लकी वाजपेयी का कहना है कि नंबर हाईस्कूल के हों या इंटरमीडिएट के, जिंदगी में अहम होते हैं। लेकिन, यह भी ध्यान रखें कि नंबरों का महत्व तभी तक है, जब तक आप हैं। आपके इर्द-गिर्द ही परीक्षा और परिणाम का ताना-बाना बुना जाना है।
 
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डेमाे पिक
परीक्षा और रिजल्ट के दिन जिंदगी की एक्सरसाइज में वॉर्मअप सेशन की तरह हैं। जैसे कार्डियो वैस्कुलर एक्सरसाइज से पहले वॉर्मअप किया जाता है, वैसे ही जिंदगी के मैदान में उतरने से पहले परीक्षा और नतीजे वॉर्मअप सेशन हैं। आपके व्यावहारिक जीवन में नंबर महत्वपूर्ण नहीं हैं, जिसकी शुरुआत आने वाले समय में होनी है। इसलिए इन दिनों को किसी बोझ नहीं, बल्कि बोनांजा की तरह जीना सीखिए।

 

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डेमाे पिक
फिजिक्स के मशहूर प्रोफेसर डॉ. एचसी वर्मा परीक्षा और नतीजों से ज्यादा सीखने पर जोर देते हैं। उनका कहना है कि परीक्षाएं गोल्डन पीरियड हैं। इस समय को खोना नहीं चाहिए। सिर्फ सीखते जाने की जरूरत है। नंबर अच्छे न आएं तो और भी अच्छा। इससे और अधिक सीखने की ललक पैदा करनी चाहिए न कि हताश या उदास हो जाएं। यही ललक आगे ले जाती है। जिंदगी अंकों और परीक्षाओं से नहीं, सीखने से आगे बढ़ती है। खुद को एक सामान्य छात्र कहने वाले प्रो. वर्मा सीखने को ही जीवन का आनंद मानते हैं।

 
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मनोचिकित्सकों की सलाह

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डेमाे पिक
- माता-पिता घर में रिजल्ट को बहुत गंभीर विषय न बनाएं। इसे सामान्य तरीके से लें।
- बच्चों को किसी न किसी एक्टिविटी में व्यस्त रखें।
- बच्चों के साथ अच्छे अनुभव बांटें।
- अच्छा रिजल्ट आने को लेकर उन्हें कोई प्रलोभन न दें।
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