धार्मिक ग्रंथों से ज्ञात होता है कि सनातन धर्म के सभी देवी-देवताओं ने वाहन के रूप में पशु-पक्षियों का चुनाव किया है। इसके पीछे कई प्रचलित कथाएं हैं। आचार्य विधुशेखर पांडेय ने बताया कि प्राणी जगत की संरचना करने के बाद एक रोज सभी देवी-देवता धरती पर विचरण करने के लिए आए। तब पशु-पक्षियों ने कहा कि हमें वाहन के रूप में चुनें और हमें कृतार्थ करें। तब लक्ष्मीजी असमंजस में पड़ गई किसे अपना वाहन चुनें। लक्ष्मी जब वाहन चुनने में विचार-विमर्श कर रहीं थी तब अन्य पशु-पक्षियों में लड़ाई होने लगीं।