फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेहमान महामहिम: अपने ‘राम’ के स्वागत में परौंख में मनी दिवाली, जिस गली से गुजरे हुई फूलों की बारिश

Mon, 28 Jun 2021 06:37 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 6
परौंख में राष्ट्रपति के स्वागत में गांव के लोगों ने मनाई दिवाली - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश से पहले राष्ट्रपति का गौरव देने वाले ‘परौंख के लाल’ ने पांच साल के लंबे अंतराल के बाद रविवार को जब अपने गांव में कदम रखा तो वहां के लोग उनकी एक झलक पाने को बेताब हो उठे। जुलाई-2017 में राष्ट्रपति बनने के बाद इंतजार में बैठे ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया। गांव में जगह-जगह बेल पत्र से तोरण द्वार बनाए। गली-गली महकते फूलों से सजाई। शाम ढलते ही घर-घर घी के दीये भी जलाए। गांव का यह नजारा ऐसी अनुभूति दे रहा था, मानो अयोध्या में राम आए हैं। अपनों की ऐसी आवभगत से अभिभूत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कई बार भावुक हो उठे। गांव में उनके भव्य स्वागत के साक्षी राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी बने। राष्ट्रपति वर्ष-2016 के बाद पहली बार रविवार सुबह 9:30 बजे पत्नी सविता और बेटी स्वाती के साथ परौंख में हेलीकॉप्टर से उतरे तो सबसे पहले गांव की माटी को माथे से लगाया।
विज्ञापन

2 of 6
राष्ट्रपति के स्वागत में खड़े बच्चे - फोटो : amar ujala
इस दौरान उनके चेहरे पर अनगिनत भाव उभर रहे थे। आंखें नम थीं, जैसे किसी को याद कर रहे हों। शायद सोच रहे हों कि अम्मा-बाबू जी भी होते तो कितने खुश होते। भावनाओं पर नियंत्रण पाते हुए वे अपनी कार में सवार हुए। उनके आगे 10 और पीछे 60 कारों का काफिला था। राज्यपाल और मुख्यमंत्री एक ही कार में थे। गांव के प्रवेश द्वार से लेकर अंतिम छोर पर स्थित बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा तक करीब डेढ़ किलोमीटर की इस यात्रा में वे गांव की गली-गली घूमे।
 
विज्ञापन

3 of 6
हर गली में कोविंद पर बरसे फूल - फोटो : amar ujala
उनकी एक झलक पाने को हर घर से बच्चे, बड़े, महिलाएं और बुजुर्ग बाहर निकल आए। महिलाएं सजीधजी थीं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने नए कपड़े पहने थे। हर घर के सामने उत्सव जैसा माहौल था। सभी के हाथों में गुलाब के फूलों से भरा थाल था। हर घर से उन पर फूलों की वर्षा हुई। असीम स्नेह देखकर राष्ट्रपति न सिर्फ गदगद हुए, बल्कि बार-बार भावुक होते रहे। किसी गली से गुजरते तो ऐसे मुड़-मुड़कर देखते जैसे बचपन की कोई बात याद आ गई हो।

 

4 of 6
राष्ट्रपति के साथ राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी परौंख पहुंचे - फोटो : अमर उजाला
जैसे उनकी आंखें भीड़ में लोगों को पहचान रही हों। किसी को देर से देख पाए तो कार के बंद शीशे से पीछे की तरफ झांककर हाथ हिलाया। सख्त प्रोटोकॉल न होता तो शायद वे कार से उतरकर कई सारे लोगों को गले लगा लेते। गांव भ्रमण के बाद जनसभा में उन्होंने इस बात को स्वीकारा भी। कहा कि वे अपने लोगों को बहुत याद करते हैं। वे कहीं भी रहें, गांव और गांव के लोग उनकी सोच से बाहर नहीं होते।

 
विज्ञापन

5 of 6
परौंख पहुंचे राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला
किसी हस्ती का ऐसा स्वागत पहली बार देखा 
परौंख में राष्ट्रपति का स्वागत देखकर मुख्यमंत्री अपने उद्गार रोक नहीं पाए। बोले, किसी प्रतिष्ठित हस्ती का किसी गांव में ऐसा स्वागत उन्होंने पहली बार देखा है। सच में ये स्वागत नहीं था, ये इस गांव के लोगों की भावनाएं थीं, जो फूलों के रूप में हम सब पर बरस रही थीं। परौंख के माटी के लाल का ऐसा स्वागत देखकर वे अभिभूत हैं। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
परिवार के साथ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद - फोटो : amar ujala
जाते-जाते राष्ट्रपति भवन का न्योता दे गए 
अपने गांव के लोगों से अथाह स्नेह पाकर गदगद कोविंद ने उन्हें राष्ट्रपति भवन आने का न्योता दिया। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए बोले- राष्ट्रपति भवन सिर्फ मेरा नहीं, आप सभी का है। आप दिल्ली आएं तो राष्ट्रपति भवन घूमने जरूर आएं। हम आपके लिए खास व्यवस्था करवाएंगे। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें