होली बीतते ही मौसम ने भी रुख बदलना शुरू कर दिया है। इससे बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। अस्पतालों में मरीजों की कतारें लगने लगी हैं। डाक्टरों के मुताबिक मौसम जनित बीमारियों जुखाम-बुखार और खांसी के मरीज अधिक आ रहे हैं।
विज्ञापन
2 of 4
डेमो पिक
एक महीने से मौसम काफी उतार-चढ़ाव वाला है। किसानों ने बताया कि इस दौरान रह-रहकर आसमान पर बादल मंडरा रहे हैं। रविवार की देर रात इलाके में तेज हवाएं चलने के साथ ही आसमान पर बादल छा गए और रात करीब 02 बजे के आसपास बूंदाबांदी भी हुई। हवाएं चलने और बूंदाबांदी होने से सुबह मौसम ठंडा रहा। दोपहर में तेज गर्मी का एहसास हुआ।
विज्ञापन
3 of 4
डेमो पिक
मौसम के बदले रुख से मच्छरों का प्रकोप भी चरम पर है। रात में मच्छरदानी लगाए बिना सोना मुश्किल हो रहा है। डाक्टरों का कहना है सर्दी-गर्मी के साथ ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। सीएचसी के डा. पवन सचान ने कहा होली की छुट्टी के बाद अस्पताल की ओपीडी डेढ़ गुनी अधिक हो गई है।
सोमवार की दोपहर सीएचसी में डाक्टरों के चेंबरों के बाहर मरीजों की कतारें लगी दिखाई दीं। अधिकांश मरीज मौसम जनित रोगों से ग्रस्त हैं। कई मरीज जाड़ा देकर बुखार आने की शिकायत दर्ज करा रहे हैं। अभी किसी मरीज की खून जांच कराने के बाद मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई है। कुछ बच्चों में चिकनपाक्स की शिकायत भी मिल रही है। खुद काे सुरक्षित रखने के लिए सर्दी-गर्मी का बचाव करें।