डिंपल यादव लोकसभा चुनाव 2019 में कन्नौज लोकसभा सीट से प्रत्याशी हैं। डिंपल यादव 6 अप्रैल को अपना नामांकन भरेंगी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकांउट के जरिए ये जानकारी दी है। देश के सबसे बड़े राजनीतिक घराने की बड़ी बहू डिंपल यादव की पहचान सिर्फ अखिलेश यादव की पत्नी के रूप में नहीं है।
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डिंपल यादव और मुलायम सिंह यादव (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
वो सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की बहू और भारतीय सेना के कर्नल सीएस रावत (रिटा.) की बेटी हैं। डिंपल एक बार निर्विरोध और लगातार दूसरी बार कन्नौज की सांसदीय सीट पर जीत हालिस करने वाली महिला हैं। राजनीति में आने से पूर्व डिंपल अपने परिवार के सदस्यों सहित आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने के मामले से सुर्खियों में आईं थीं।
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डिंपल यादव (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
2009 में मुलायम की नाराजगी के बावजूद डिंपल को फर्रुखाबाद से पहली बार चुनाव लड़ाया गया। यह डिंपल यादव के राजनीतिक सफर की शुरुआत थी।राजनीतिक क्षेत्र में डिंपल यादप आना पहला चुनाव तो हार गयीं लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी।
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अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव (फाइल फोटो)
आखिर में उनके पति अखिलेश यादव ने अपने द्वारा जीती गयी कन्नौज लोक सभा सीट उनके लिये खाली कर दी। डिंपल ने इस सीट के लिये अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया और निर्विरोध चुनाव जीतीं।
मुकाबले में कांग्रेस, भाजपा और बहुजन समाज पार्टी ने उनके खिलाफ अपना प्रत्याशी ही नहीं उतारा।
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अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव (फाइल फोटो)
जबकि दो अन्य, दशरथ सिंह शंकवार (संयुक्त समाजवादी दल) और संजू कटियार (स्वतन्त्र उम्मीदवार) ने अपना नामांकन वापस ले लिया। राजनीति में अपने पति का हाथ बटाने के लिये वे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ट्वीटर व फेसबुक अकाउंट खुद संभालती हैं।
परिणाम यह हुआ कि 2012 का लोकसभा उप-चुनाव उन्होंने निर्विरोध जीतकर उत्तर प्रदेश में एक कीर्तिमान स्थपित किया था।डिंपल से पूर्व पुरुषोत्तम दास टंडन ने उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद पश्चिमी लोकसभा सीट सन् 1952 में एक पुरुष प्रत्याशी में रूप में निर्विरोध जीती थी।