अपने पैतृक गांव में डीजीपी सुलखान अपनी मां के साथ
पुलिस के ‘सुल्तान’ बनकर बांदा (जौहरपुर) अपने पैतृक गांव आए DGP सुलखान सिंह घरवालों के बीच पूरी तरह घुल-मिल गए। गांव में बिताए बचपन के दिन उन्हें खूब याद आए। गांव के बुजुर्गों ने भी याद दिलाए। साढ़े तीन घंटे पुरानी यादों में बिताए। माता-पिता के पैर छू कर आशीर्वाद लिया और गांव के बुजुर्गों से हाथ जोड़कर अभिवादन किया।
डीजीपी सुलखान सिंह लखनऊ से अपनी सरकारी कार पर चलकर शुक्रवार को दोपहर 3:55 बजे तिंदवारी थाना क्षेत्र में स्थित पैतृक गांव जौहरपुर पहुंचे। पुलिस का मुखिया बनने के बाद वह पहली बार यहां आए थे। हालांकि इसके पहले भी लंबे अरसे तक नहीं आ सके। गांव में बच्चों से लेकर बूढ़ों तक और अपनों से लेकर परायों में उत्साह और खुशी थी। गांव वालों का कहना था कि उनका सुलखान अब पुलिस का ‘सुल्तान’ बन गया है। बाजे-गाजे के साथ स्वागत हुआ। पैतृक घर पहुंचते ही पहले पिता लाखन सिंह के पैर छुए। उनका आशीर्वाद लेने के बाद बरामदे में बैठी मां के पैर छुए और उनके पास पुरानी खाट पर बैठ गए। साथ में पत्नी सुमन सिंह भी थीं। लंबे अरसे के बाद बेटे के दीदार हुए और वह भी प्रदेश की एक हस्ती के रूप में तो बूढ़ी मां की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। मां और घर वालों का हालचाल लिया।