इसलिए शहीद प्रदीप की पत्नी नीरज दोनों बेटियों को लेकर कानपुर आ गईं। सुप्रिया के इस जज्बे को जिसने भी सुना उसके हाथ खुद ब खुद उसे सलामी देने के लिए तैयार हो गए। उधर, शहीद के पिता अमर सिंह ने कहा कि सरकार को राजनीति बंद कर आतंकवाद से पूरी ताकत के साथ लड़ना चाहिए।