कानपुर के पनकी और उन्नाव जिले में कटे-फटे नोटों के बोरियां भरे टुकड़े मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। हर कोई जानना चाहता है आखिर कौन पुराने नोटों को काटकर कूड़ेदान में फेंक रहा है और ये नोट कहां से आ रहे हैं? फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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पुलिस बोली रंगीन कागज के टुकड़े
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नोटों के टुकड़े
- फोटो : अमर उजाला
पनकी स्थित गंगागंज रोड पर प्लास्टिक बोरी में भरे नोटों की कतरन मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना पर यूपी 100 की पुलिस पहुंची, लेकिन कतरन को हाथ लगाए बगैर लौट आई। थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि फिलहाल कतरन नोटों की नहीं है, रंगीन कागज के टुकड़े लग रहे हैं।
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बच्चों को मिली थी प्लास्टिक की बोरी
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नोटों के टुकड़े
- फोटो : अमर उजाला
पनकी रोड किनारे बुधवार दोपहर झोपड़ पट्टी में रहने वाले बच्चों को प्लास्टिक की बोरी में कागज की भरी हुई मिली। इस पर बच्चों ने गुलाबी रंग की कतरन से खेलना शुरू कर दिया। शाम होने तक कतरन जब 500 मीटर तक फैल गई, तब लोगों को नोटों की कतरन के होने का पता चला। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कतरन से स्पष्ट है कि एक एक हजार के नोट ही है।
महीन कतरन से साफ है कि नोटों को किसी मशीन से काटा गया है। मशीन किसी फैक्ट्री अथवा रूई कारखाने की भी हो सकती है। पुलिस भले ही कागज को गुलाबी बता रही हो, यदि वे नोट ही है तो कम से कम एक करोड़ रुपये की रकम हो सकती है। पुलिस यदि गंभीरता से जांच करे तो पता चल सकता है कि बोरी को कब और किस गाड़ी से फेंका गया है।