कानपुर में फजलगंज थाने से चंद कदम की दूरी पर शुक्रवार देर रात घर में घुसकर बदमाशों ने दंपती और उसके 12 साल के बेटे की निर्मम हत्या कर दी। तीनों पर चापड़ से कई वार किए गए। सुबह जब दूध की गाड़ी पहुंची तो वहां ताला देखकर सेल्समैन ने उनके भाइयों को सूचना दी। ताला तोड़कर लोग घर में घुसे। जहां तीनों की कमरे में लाश पड़ी मिली। सीसीटीवी फुटेज में तीन बदमाश मृतक की बाइक लूटकर फरार होते दिखे हैं। मूलरूप से उन्नाव के बीघापुर बैजनाथ खेड़ा निवासी प्रेम किशोर (45) पत्नी गीता (40) और बेटे नैतिक (12) के साथ फजलगंज स्थित उचवां मलिन बस्ती में रहते थे। घर पर ही उनकी प्रेम प्रोविजन स्टोर के नाम से दुकान है। फजलगंज इंस्पेक्टर अजय सेठ ने बताया कि सुबह करीब साढ़े चार बजे सेल्समैन दूध देने के लिए वहां पहुंचा। मकान में ताला लगा देखा उसने सामने वाले दुकानदार बाबूराम व राजेश से संपर्क किया।
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कानपुर में तिहरा हत्याकांड: मौके पर लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
प्रेम किशोर का फोन न उठने पर राजेश ने प्रेम किशोर के भाई प्रेम कुमार को फोन कर जानकारी दी। प्रेम कुमार गुमटी निवासी अपने बड़े राज किशोर के साथ सुबह करीब सात बजे वहां पहुंचे। ताला तोड़कर मकान में घुसे। अंदर तीनों के शव खून से लथपथ पड़े मिले। तत्काल उन्होंने पुलिस को सूचना दी। डीसीपी मुख्यालय संजीव त्यागी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस व संदिग्धों से पूछताछ कर जांच की जा रही है। कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। जल्द ही वारदात का पर्दाफाश किया जाएगा।
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कानपुर में तिहरा हत्याकांड: मौके पर मौजूद पुलिस
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हाथ पर पैर बांध दिए, शवों पर डाल दिया कंबल
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने देखा कि शव कंबल से ढके हुए हैं। जब पुलिस ने कंबल हटाया तो हर कोई दंग रह गया। प्रेम किशोर के हाथ और पैर रस्सी से बंधे हुए थे। गीता और नैतिक के चेहरे और सिर पर कई घाव थे। फोरेंसिक टीम ने हाथ पर पैर खोले। रस्सी सील की। इसके अलावा वहां पर पड़ी एक लोहे की रॉड भी सीज करने समेत अन्य साक्ष्य जुटाए।
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कानपुर में तिहरा हत्याकांड
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बाइक लेकर भागे बदमाश
वारदात को अंजाम देने के बदमाश प्रेम किशोर की स्प्लेंडर बाइक भी लूट ले गए। अलमारी का लॉक भी टूटा था। घर का सामान भी बिखरा पड़ा था। ऐसे में पुलिस लूट की आशंका भी जता रही है।
परिजनों ने किया हंगामा
बस्ती में जघन्य वारदात से इलाके में दहशत फैल गई। सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। फॉरेंसिक जांच की वजह से पुलिस ने घर सील कर दिया था। किसी को भी क्राइम सीन पर जाने की अनुमति नहीं थी। परिजन मृतकों को देखने की बात पर अड़े हुए थे। इस बीच पुलिस शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने लगी। इसपर परिजनों ने हंगामा कर दिया। बमुश्किल अफसर उनको समझाकर शांत करवा सके। जिसके बाद पोस्टमार्टम हाउस में परिजनों ने शव देखे।