फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानपुर डुप्लीकेट सीमेंट: गिरफ्तारी से बचने के लिए नीरज-धीरज पहुंचे कोर्ट, अग्रिम जमानत अर्जी पर 31 को सुनवाई

Wed, 28 Oct 2026 12:05 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: पनकी स्थित इस्पातनगर में नकली सीमेंट बनाने के मामले में आरोपी बनाए गए नीरज गुप्ता और धीरज गुप्ता गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत की शरण में पहुंच गए हैं। दोनों आरोपियों की तरफ से जिला जज की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई है, जिस पर सुनवाई के लिए 31 अक्टूबर की तारीख तय की गई है।

विज्ञापन
1 of 4
कानपुर इस्पातनगर डुप्लीकेट सीमेंट केस, - फोटो : amar ujala
कानपुर में नकली सीमेंट बनाकर बेचने के मामले में आरोपी नीरज गुप्ता व धीरज गुप्ता गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट पहुंच गए हैं। दोनों की ओर से अग्रिम जमानत अर्जी जिला जज की अदालत में दाखिल की गई है। इस पर सुनवाई 31 अक्टूबर को होगी।
पनकी के सरायमीता में इस्पातनगर स्थित एक फैक्ट्री में 14 अक्टूबर को पुलिस की विशेष टीम द्वारा छापेमारी की गई थी। अडाणी ग्रुप की एसीसी व अंबुजा की नकली सीमेंट बनाने की फैक्ट्री पकड़ी गई थी। कंपनी के अधिकारियों को इस संबंध में सूचना मिली थी।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 4
कानपुर इस्पातनगर डुप्लीकेट सीमेंट केस, - फोटो : amar ujala
कोर्ट मेें अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल कर दी
जानकारी में आया था कि नीरज और धीरज गुप्ता फैक्ट्री का संचालन करते हैं। इस पर पुलिस दोनों की गिरफ्तारी की फिराक में है, लेकिन पुलिस की पकड़ से दूर दोनों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट मेें अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल कर दी है।
विज्ञापन

3 of 4
कानपुर इस्पातनगर डुप्लीकेट सीमेंट केस, - फोटो : amar ujala
न ही कोई लेनदेन या नुकसान ही बताया
इसमें कहा गया है कि एफआईआर में घटना की कोई तारीख, समय नही है। सूचना किसने दी इसका उल्लेख नही है। न तो कोई खरीदार बताया गया, न ही कोई बिल है, न ही कोई लेनदेन या नुकसान ही बताया गया है। धीरज का तर्क है कि वह मेसर्स महादेव बिल्डर्स व सप्लायर्स नाम की पंजीकृत फर्म के प्रोपराइटर हैं।
विज्ञापन

4 of 4
कानपुर इस्पातनगर डुप्लीकेट सीमेंट केस, - फोटो : amar ujala
सुनवाई के लिए 31 अक्टूबर की तारीख तय
उनकी फर्म के पास माईसेम व डालमिया सीमेंट की डीलरशिप है। सीमेंट की जांच किसी प्रयोगशाला में नहीं कराई गई है। पुलिस अगर गिरफ्तारी करती है, तो उनकी छवि खराब होगी। अभियोजन ने पुलिस रिपोर्ट मंगाने के लिए समय मांगा। इस पर सुनवाई के लिए 31 अक्टूबर की तारीख तय की गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें