एसटीएफ की टीम ने शुक्रवार को कानपुर रेलवे स्टेशन से एक अन्तर्राष्ट्रीय कछुआ तस्कर को गिरफ्तार किया है। सलीम शेख नाम का यह तस्कर पश्चिम बंगाल के मालदा का रहने वाला है और काफी दिनों से इटावा, औरैया, कानपुर व आसपास के अन्य जिलों से कछुआ की झिल्ली (कैलिपि) खरीदने का धंधा कर रहा था।
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अाराेपी युवक
उसके पास से कछुए की 27 किलो झिल्ली बरामद की गई है। एसटीएफ ने उसे रेलवे स्टेशन पर उस समय गिरफ्तार किया, जब वह ब्रम्हपुत्र मेल से मालदा जाने की तैयारी में था।
एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि मुख्यालय स्तर पर वन्य जीवों के संरक्षण के लिए अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद चतुर्वेदी के नेतृत्व में एक अलग टीम का गठन किया गया है।
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कछुए की झिल्ली दिखाते अधिकारी
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि इटावा, एटा, मैनपुरी, औरैया व फर्रूखाबाद व आसपास केजिलों में बड़े पैमाने पर कुछओं की झिल्ली निकालकर उसे सुखाकर पश्चिम बंगाल से बांग्लादेश और म्यांमार के रास्ते चीन, हांगकांग व मलेशिया भेजने का अवैध धंधा चल रहा है। एसटीएफ के एएसपी चतुर्वेदी केनेतृत्व में गठित टीम को सूचना मिली कि मालदा निवासी कुछआ तस्कर सलीम शेख पिछले कुछ दिनों से इसी इलाके में कछुए की झिल्ली खरीद रहा है।
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कानपुर सेंट्रल स्टेशन से पकड़ा गया तस्कर
तभी से एसटीएफ उसके पीछे लगी थी। इसी बीच टीम को पता चला कि सलीम कानपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने वाला है। लिहाजा एसटीएफ और कानपुर वन विभाग की टीम शुक्रवार को तड़के 6:30 बजे कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पहुंचकर सलीम को दबोच लिया। उसके पास से दो बैग में रखा हुआ कछुए की 27 किलो झिल्ली समेत मोबाइल उसका मतदाता पहचान पत्र बरामद किया गया है।
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5000 प्रतिकिलो की दर से बिकती है झिल्ली
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एसटीएफ टीम के साथ अाराेपी
तस्कर सलीम ने पूछताथ में पुलिस को बताया कि कछुए की कैलिपि वह 5000 रुपये प्रति किलों की दर से खरीदता है और ऊंचे दामों में पश्चिम बंगाल के व्यापारियों को बेचता है। वह इस काम को बहुत दिनों से कर रहा है। उसने पुलिस को पश्चिम बंगाल के कई व्यापारियों के भी नाम बताए हैं। वन विभाग की टीम ने सलीम के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
एसएसपी ने बताया कि कछुए की झिल्ली (कैलिपि) का इस्तेमाल शक्तिवर्धक दवा बनाने में किया जाता है। इसलिए चीन, मलेशिया व हांगकांग समेत अन्य कई देशों में इसका बड़ा बाजार है। इसलिए पश्चिम बंगाल के रास्ते इन देशों में भारत से बड़े पैमाने पर कछुए की झिल्ली तस्करी करकेभेजी जाती है। उन्होंने बताया कि इटावा समेत आसपास के जिलों के तमाम व्यापारी पश्चिम बंगाल केतस्करों के संपर्क में हैं।