कानपुर देहात के झींझक इलाके में बेहद अजीबोगरीब मामला सामने आया है। पुलिस की गिरफ्त से फरार होकर एक आरोपी ट्रेन की चपेट में आने से मारा गया जबकि परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उनसे पैसों की मांग की थी, वह पूरी नहीं हुई तो बेटे को मार कर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया।
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प्रेम प्रसंग के मामले में गई अनिल की जान
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कानपुर देहात की कंचौसी चौकी के बाहर परिजनों संग जमा हुई भीड़
- फोटो : अमर उजाला कानपुर
21 सितंबर 2016 को दिवियापुर थाना के मधवापुर से रामचंद्र की पुत्री को बहला फुसला कर ले जाने के आरोप में अनिल (35) पिता स्व. शिवसिंह निवासी मालतीपुर थाना मंगलपुर को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 523/16 धारा 363 366 व 8 पास्को एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत था।
लड़की बरामद होने के बाद 5 तारीख से आरोपी को चौकी कंचौसी में बैठाकर रखा गया था। मंगलवार सुबह चाय पीने की बात कहकर सिपाही के साथ अनिल चौकी से निकला था। वहीं से उसने भागने की कोशिश की। इस दौरान ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई।
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उग्र भीड़ा को शांत कराना हुआ मुश्किल
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पुलिस अधिकारियों से बातचीत करते मृतक के परिजन
- फोटो : अमर उजाला कानपुर
बेटे की मौत की की सूचना जब घरवालों को मिली तो उन्होंने ग्रामीणों के साथ चौकी पर धावा बोल दिया। किसी तरह उग्र भीड़ा को शांत कराया गया। उधर इस मामले की सूचना पाकर पूरे पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया। कई आला-अधिकारी उल्टे पैर दौड़कर स्थिति का जायजा लेने थाना पहुंचे।
भीड़ देखकर कईयों के हाथ पैर फूल गए। दरअसल, थाने के बाहर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी हो रही थी। जैसे-तैसे कर उन्हें शांत कराया गया। मौके पर पहंचकर सीओ डेरापुर व सीओ रसूलाबाद ने स्थिति को नियंत्रण में लिया। उन्होंने फौरन पूरी चौकी को निलम्बित करने का आदेश दे दिया।
मंगलपुर थाना के कंचौसी में नाबालिक लड़की भगा ले जाने के आरोपी की सोमवार की सुबह ट्रेन से कटकर मौत हो गई। कंचौसी पुलिस 4 दिन से युवक को हिरासत में लेकर चौकी में बैठाए थी। युवक के मौत होने की सूचना से परिजनों में हड़कंप मच गया। घटनास्थल पर गांव वालों का मजमा लग गया। परिजनों ने पुलिस पर पैसा नहीं दिए जाने पर हत्या किए जाने का आरोप लगाकर तहरीर दी है। वहीं, पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से चौकी प्रभारी सहित पूरी चौकी को ही निलंबित कर दिया।