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यूपी: किसी भी सूरत में इकलौती बेटी को जिंदा नहीं छोड़ना चाहता था पिता, बिस्तर पर लेटे समय दागीं तीन गोलियां

Mon, 11 Jan 2021 05:26 PM IST
शिखा पांडेय क्राइम डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
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पिता ने इकलौती बेटी को उतारा मौत के घाट - फोटो : अमर उजाला
फतेहपुर जिले में इकलौती बेटी को किसी हाल में पिता जिंदा नहीं छोड़ना चाहता था। उसने पूरी तरह से हत्या का इरादा बना रखा था। तभी तो उसके पास मौजूद तीनों गोलियां उसने बेटी की कनपटी में उतार दीं। गोलियां लगने से युवती के सिर और चेहरे के चीथड़े उड़ गए। 

थरियांव थानाक्षेत्र के जयसिंहपुर गांव में करीब एक हजार की आबादी है। आरोपी चंद्रमोहन का परिवार काफी बड़ा है। इसी वजह से गांव में वह प्रभावशाली था। उनके बीच कोई भी किसी मामले में नहीं आता था। जयसिंहपुर में सुबह तीन राउंड फायरिंग से हड़कंप मच गया।
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घटना स्थल पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
गांव के लोगों को आवाज तो चंद्रमोहन के घर से आनी सुनाई दी लेकिन कोई मौके पर पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा सका। पुलिस फोर्स के पहुंचने के बाद भी गांव के लोग दूर खड़े रहे। ग्रामीण किसी बाहरी व्यक्ति से चर्चा करने से भी कतराते दिखे। वह पुलिस को भी कुछ नहीं बताना चाहते थे।

पुलिस ने करीब एक घंटे तक मौके की छानबीन की। पुलिस को शस्त्र लाइसेंस युवती के पास ही पड़ा मिला। गोलियों के तीन खाली खोखे पुलिस को मिले। उसके अलावा कोई गोली नहीं मिली। पुलिस ने अंदाजा लगाया गया कि चंद्रमोहन बेटी से बेहद नाराज था। चंद्रमोहन ने पुलिस को बताया कि ससुराल से एक माह पहले भी बेटी आई थी। वह अक्सर मायके आती थी तो वह समझा कर भेज देता था। यह बात उसे नागवार गुजरने लगी थी। 
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मौके पर जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने पहले माना मजाक 
सुबह करीब साढ़े 8 बजे चंद्रमोहन बाइक से थाने पहुंचा था। थरियांव कस्बे में क्लीनिक होने की वजह से उसकी पुलिसकर्मियों से ठीक-ठाक जान पहचान थी। थाने पहुंच कर जब उसने बताया कि उसने बेटी की हत्या कर डाली है। शव घर की दूसरी मंजिल में पड़ा है। यह उसके घर की चाबी है। तो पुलिस ने उसकी बात को पहले मजाक माना। कुछ देर बाद चंद्रमोहन का चेहरा देखकर सब कुछ भांप लिया और थाने के अंदर बैठाया। 

आरोपी ने भाई को फंसाने की कोशिश 
हत्यारोपी चंद्रमोहन छह भाई हरिमोहन, शत्रुघन सिंह यादव, मदन मोहन, नरसिंह यादव, बृजमोहन है। नरसिंह यादव बहुआ पीएचसी में फार्मासिस्ट है। उसकी पत्नी के नाम पर राशन की दुकान थी। दुकान का संचालन शत्रुघन करता था। नरसिंह ने 3 माह पहले दुकान से इस्तीफा दे दिया था।

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मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
चंद्रमोहन के मकान में ही दूसरा हिस्सा नरसिंह का है। हरिमोहन प्रधान पति भी रह चुके हैं। हत्याकांड के बाद चंद्रमोहन ने थाने में अपने एक भाई को भी बेटी की हत्या में शामिल होने की बात कही। पुलिस की जांच में यह मामला झूठा निकला। वह कई माह से गांव नहीं गया था।
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मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
हत्यारोपी और उनके भाइयों के बीच पहले भी संपत्ति बंटवारे को लेकर टकराव हो चुका है। उनकी आपस में पटरी नहीं खाती है। ग्रामीणों में चर्चा रही कि उनके बीच बचाव में पहले कुछ लोग पहुंच जाते थे बाद में उन्हें भी शर्मिंदा होना पड़ता था। इसी वजह से लोगों का जुड़ाव भी उनके बीच से खत्म जैसा हो गया। 

 
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मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
शहर के कई नर्सिंग होम में काम कर चुका आरोपी 
हत्यारोपी चंद्रमोहन लंबे समय से मेडिकल लाइन से जुड़ा रहा है। वह शहर के कई चर्चित नर्सिंग होम में काम कर चुका है। करीब पांच साल पहले उसने क्लीनिक थरियांव कस्बे में डाला था। उसका क्लीनिक भी ठीक-ठाक चलता था। 
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मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
इमादपुर से पहुंचे मामा पक्ष के लोग 
वारदात के बाद पुलिस के अलावा कोई नाते रिश्तेदार चंद्रमोहन और उसके परिवार का हाल लेने पहुंचे। चंद्रमोहन की ससुराल थरियांव के इमादपुर गांव में है। चंद्रमोहन का रिश्ते में साला और कुछ लोग थाने में पंचनामे की कार्रवाई को पहुंचे। स्वाती के दो भाई सौरभ और शुभम हैं। सुबह शुभम स्कूल चला गया था। घर से स्वाती की मां और सौरभ मौजूद थे। घटना के बाद दोनों के किसी रिश्तेदार के घर चले जाने की पुलिस ने आशंका जताई है।

 
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मौके पर छानबीन करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
एक्सरे के बाद होगा शव का पोस्टमार्टम 
पुलिस ने स्वाती का शव पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया गया। जहां से डाक्टरों ने एक्सरे कराने के लिए शव को जिला अस्पताल भेजा। जिला अस्पताल शव शाम करीब साढ़े 4 बजे पहुंचा। एक्सरे बंद हो चुका था। सूचना पर कर्मियों को बुलाया गया। शव का पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी और डाक्टरों का गठित पैनल करेगा।

गैस चूल्हे में चाय चढ़ी थी 
चंद्रमोहन के घर की बाहरी दीवार काफी ऊंची है। दरवाजे से बायीं ओर से दूसरी मंजिल पर जाने के लिए सीढ़ियां बनी है। दूसरी मंजिल में चार कमरे बने हैं। एक कमरे में रसोई और युवती की चारपाई पड़ी थी। चारपाई पर युवती लेटी थी। गैस चूल्हे पर चाय चढ़ी थी। आटा रखा हुआ था। नहाने का पानी गर्म करने के लिए एक बाल्टी रखी थी। बाल्टी में वाटर हीटर पड़ा हुआ था।
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