कानपुर में कोरोना संक्रमित मरीज की मौत के बाद पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस मामले की जांच में जुट गया है। तीमारदारों के साथ मरीज अस्पताल से लेकर किन किन लोगों के संपर्क में आया उनकी तलाश की जा रही है। निजी अस्पताल में भर्ती होने के दौरान डॉक्टर, वार्ड ब्वाय, नर्स और मेडिकल स्टाफ के कुल 13 लोग मरीज के सीधे संपर्क में आए थे।
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पूरा अस्पताल किया गया खाली
- फोटो : amar ujala
इनमें से कुछ को अस्पताल में और कुछ को होटल में क्वारंटीन किया गया है। आपको बता दें कि 11 अप्रैल को डॉ. शाहिद के पास रात में कर्नलगंज से इस मरीज को भर्ती करने के लिए फोन आया था। अस्पताल में रात में ही आते समय मरीज को सबसे पहले इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर और स्टाफ ने देखा था। वार्ड ब्वॉय स्ट्रेचर पर लिटा कर लिफ्ट से आईसीयू ले गया था।
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कोरोना संक्रमित मरीज का हुआ अंतिम संस्कार
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आईसीयू के डॉक्टर ने भी कोरोना संक्रमित मरीज को देखा था। वहां तैनात पैरामेडिकल स्टफ ने उसका इलाज किया था। दूसरे दिन डॉ. शाहिद ने देखने के बाद उसे हैलट रेफर किया था। उसे लिफ्ट से हीे उतारकर हैलट भेजा गया था। इस दौरान तीमारदार भी मरीज के साथ ही थे। कर्नलगंज निवासी कोरोना से संक्रिमत मरीज को 11 अप्रैल को रात में निजी हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था।
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अस्पताल और इलाका किया गया सील
- फोटो : amar ujala
12 तारीख को दोपहर दो 3:00 बजे उसे हैलट रेफर कर दिया गया था। भर्ती होते समय उसमें डायबिटीज, यूरिनरी ट्रैक्ट इनफेक्शन, सेप्टीसीमिया एप्स एक्सेस के लक्षण बताए गए थे। कंसल्टेंट डॉ. शाहिद ने दूसरे दिन जांच की थी। इस दौरान चार डॉक्टरों सहित 13 लोग सीधे उसके संपर्क में आए थे।
कोरोना पॉजिटिव मरीज की मौत का पता चलते ही 5 नर्सों को अस्पताल में ही तुरंत क्वारंटीन कर दिया गया है। मरीज के संपर्क में आए चारों डॉक्टरों सहित अन्य कर्मियों को भी क्वारंटीन के लिए अस्पताल बुलाया गया है। सुरक्षा कारणों से पूरे अस्पताल को खाली करा दिया गया है। अस्पताल में अब कोई मरीज नही है। कोराेना संक्रमित की मौत के बाद अस्पताल कर्मी परेशान हैं, पर कोई कुछ भी बोलने के लिए तैयार नही हो रहा है।