कॉमन वेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन जोन-एक के बैनर तले बिठूर स्थित एक होटल में बुधवार को यूपी-उत्तराखंड की महिला विधायकों के सम्मेलन का आयोजन किया गया। लैंगिक समानता विषय पर आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। कार्यक्रम में उत्तराखंड की विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूड़ी, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना समेत अन्य महिला मंत्रियों और विधायकों ने विचार रखे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक वाक्या बताते हुए सामाजिक विषमता को उकेरा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में वह एक स्थान पर गए तो एक बच्ची ठंड में बिना स्वेटर और नंगे पैर स्कूल जाते दिखी। उससे पूछा तो बताया कि बड़ा भाई पब्लिक स्कूल में पढ़ता है और वह सरकारी स्कूल में, भाई के पास ड्रेस और जूते हैं। उन्होंने कहा कि इससे जाहिर है कि भेदभाव मां-बाप ने ही किया होगा। इस वाक्ये के बाद बेसिक शिक्षा परिषद के अधिकारियों के साथ स्कूली बच्चों की ड्रेस, स्वेटर, चप्पल की व्यवस्था कराई। अब एक करोड़ 91 लाख बच्चों को सुविधा दे रहे हैं।
इसके बाद मुख्यमंत्री अपनी सरकार की योजनाएं बताईं और कहा कि यूपी विधानसभा पिछले ढाई-तीन वर्ष से अपने इनोवेशन के लिए जानी जा रही है। 70 फीसदी महिलाएं जिला पंचायत अध्यक्ष बनी हैं। उन्होंने बताया कि संविधान सभा के 14 सदस्यों में चार यूपी के थे। इनमें सुचेता कृपलानी मुख्यमंत्री भी बनीं। कहा कि जो नहीं सुधरता, प्रकृति उसे सुधार देती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के माध्यम से प्रकृति सुधार रही है। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, उत्तराखंड की विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी, कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य तथा राज्यसभा सदस्य सीमा द्विवेदी, यूपी की 49 और उत्तराखंड की छह विधायक मौजूद रहीं।