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Kanpur: महिला विधायक सम्मलेन का शुभारंभ, सतीश महाना बोले- महिलाओं की चर्चा होती है, लेकिन फाइल हो जाती है बंद

Wed, 08 Jan 2025 01:29 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: महिला विधायक के सम्मेलन का शुभारंभ सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया। इस मौके पर सतीश महाना ने कहा कि भारतीय संस्कृति में देवी को ऊंचा दर्जा है। हम महिलाओं को दुर्गा, काली व सरस्वती कहते हैं। व्यवहार में हम कहां हैं, ये सोचना है।
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यूपी-उत्तराखंड महिला विधायकों का सम्मेलन - फोटो : amar ujala
कानपुर में कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट एसोसिएशन उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड विधान मंडल का महिला सम्मेलन का बुधवार को शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि महिला के सम्मान की हमेशा चर्चा हुई, लेकिन जब वो फाइल में बंद कर रख दी जाती हैं, तो कोई महत्व नहीं रह जाता है।
आज विधायिका में महिला की भागीदारी और उनकी उपस्थिति कैसे हो इस पर आज चर्चा की जानी है। सतीश महाना ने कहा कि पहले लोग कहते थे कि जो कुछ नहीं कर सकता, वो राजनीति में आता है। आज की राजनीति में जिसे सब कुछ आता है, वो ही राजनीति कर सकता है। सतीश महाना ने कि महिला विधायकों की प्रेजेंस महाराज जी 100 परसेंट है। महाना ने सम्मेलन शुरू होने पहले जानकारी देते हुए बताया।
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यूपी-उत्तराखंड महिला विधायकों का सम्मेलन - फोटो : amar ujala
महिलाओं की भागीदारी से जुड़ा है मुद्दा
सीपीए की विश्व में 56 देश सदस्य हैं और 184 शाखाएं हैं। इन देशों में विधायिका के माध्यम से कैसे जनमानस तक पहुंचें, अपेक्षाओं पर चर्चा हो। पिछले साल दक्षिण अफ्रीका में थी। इस साल सिडनी ऑस्ट्रेलिया में होता है। अबकी एक मुद्दा सभी जगह रहा, जो महिलाओं की भागीदारी से जुड़ा है। शिक्षा के हिसाब से अलग-अलग महिला विधायकों की बैठक की। इसमें एमबीए, डाक्टर, इंजीनियर रहीं। फिर क्षेत्रवार बैठक की। इसमें समस्याएं जानीं।
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यूपी-उत्तराखंड महिला विधायकों का सम्मेलन - फोटो : amar ujala
भारतीय संस्कृति में देवी को ऊंचा दर्जा है
सीपीए इंटरनेशनल कांफ्रेंस के बाद नीचे कुछ नहीं होता था। इस बार हमने उसे निचले स्तर तक पहुंचाया। सभी विषयों पर बात होनी है। संसदीय लोकतंत्र को बढ़ाना, प्रक्रिया में सुधार, महिलाओं को बढ़ावा देने जैसे विषय है। भारतीय संस्कृति में देवी को ऊंचा दर्जा है। दुर्गा, काली व सरस्वती कहते हैं। व्यवहार में हम कहां हैं, ये सोचना है। महिलाओं के लिए पांच दिन में एक दिन तो बोलीं ऐसा क्यों तो हमने कहा, 75 साल में पहली बार ऐसा कर रहा हूं, तो सब सहमत हुए।

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यूपी-उत्तराखंड महिला विधायकों का सम्मेलन - फोटो : amar ujala
कानपुर मजदूरों का शहर, इसका दर्शन सभी को कराऊंगा
भारत क्षेत्र के नौ जोन लोकसभा अध्यक्ष ने गठित किए। जोन एक में यूपी और उत्तराखंड हैं। पर्यावरण, सफाई, रोजगार, महिला शसक्तीकरण व प्रदूषण दूर करने जैसे विषयों पर भी बात हो।  कानपुर मजदूरों का शहर था। बिठूर में माता सीता ने लवकुश को जन्म दिया। बिठूर में लक्ष्मी बाई खेलीं व पढ़ीं। इसलिए यह कार्यक्रम यहां आयोजित किया। राष्ट्रीय एसेंबली में ऋतु पास रहती हैं। इसलिए बहुत कुछ सीखा। सेवा सत्कार में कोई कमी रहे तो क्षमा मांगी।
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यूपी-उत्तराखंड महिला विधायकों का सम्मेलन - फोटो : amar ujala
ऋतु खंडूरी बोलीं- महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र करने को प्रयास बहुत, लेकिन नाकाम
उत्तराखंड की विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने सम्मेलन में कहा कि आपके कार्य करने का तरीका बेहद अच्छा है। आज भी महिला पर अत्याचार हो रहा। कहीं रेप, मर्डर, महिला हिंसा जैसे अपराध महिलाओं के साथ हो रहा। महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र करने के बहुत प्रयास हो रहे, लेकिन नहीं हो पा रहा। विधायिका में पूरे विश्व में राजनीति में 10 परसेंट है। लोकसभा में 28 परसेंट ऐसी सीट थी जहां महिला लड़ने के लिए नहीं मिल रही थी। राजनीति आज भी मेल डोमिनटेडेड है। आज भी पुरुष प्रधान देश है। कभी कभी कष्ट होता है, विधायक बनने के बाद भी पूछा जाता है कि क्या कर सकती हो।
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सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : ANI
देश की महिला विधायकों के लिए एक मंच बने
महिला जब तरक्की करती है तब उसके चरित्र पर सवाल उठते हैं। कुछ हारने वाली सीट महिला को दे दी जाती है। लेकिन वो सीटें भी चाहिए जो जीती जा सकती है। भाई लोगों के मुकाबले महिला ज्यादा मल्टी टास्किंग हैं। उत्तराखंड में प्रधान से लेकर मेयर तक महिलाओं की भागदारी बढ़ी है। कोटद्वार में 40 वार्ड में आधे से ज्यादा पर महिला लड़ रही हैं। हम चाहेंगे कि पूरे देश की महिला विधायकों के लिए एक मंच बने। जहां हम सभी मिले और विचारों का आदान प्रदान करें। हमें ताली भी मिलती है और गाली भी मिलती है। बेटे को संस्कार दीजिए जिससे निर्भया जैसे कांड न हो।
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