मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कानपुर में कहा कि नगर निगम ने तकनीक के साथ विकास कार्य शुरू करके अच्छा काम किया है। अब नगर आयुक्त शहर को स्वच्छ रखने की चुनौती स्वीकार करें। पब्लिक के साथ मिलकर प्रयास करें कि अबकी बार स्वच्छ शहरों की टॉप 10 सूची में कानपुर का नाम हो।
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कानपुर में सीएम योगी आदित्यनाथ
शिलान्यास वाले काम तय समय में पूरा कराने का प्रयास करें। आईआईटी की मदद लेकर नगर निगम और विकास प्राधिकरण नालों व कूड़ा प्रबंधन से ऊर्जा बनाने पर काम शुरू करें। पिछले साल 433 शहरों की रैंकिंग में 175 वें पायदान पर था कानपुर।
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सीएसए के कैलाश सभागार में मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल स्वच्छता की रैकिंग में वाराणसी 32 वें नंबर पर आया था। एमपी का इंदौर एक नंबर पर था। यह वहां के नगर आयुक्त की मेहनत से संभव हो सका था। इंदौर के नंबर एक पर आने से दक्षिण भारत के शहरों में हलचल मच गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हम सब लोग मिलकर अबकी बार कानपुर को स्वच्छ 10 शहरों में नहीं ला सकते। इंदौर का प्रजटेंशन तैयार करा लिया गया है।
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यह सभी नगर निगम और नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारियों को भेजा जाएगा। सभी नगर आयुक्तों का सम्मलेन लखनऊ में बुलाया जाएगा। उनसे उनके तीन-तीन नए प्रयोगों के बारे में पूछा जाएगा। उनसे पूछेंगे कि उन्हें इन पदों पर रखकर सरकार और पब्लिक को क्या लाभ हो रहा है।
हमारे साथ काम करना है तो अभियान से जुड़ना होगा। आपके पूर्वज यह सोचकर कानपुर में बसे होंगे कि यहां गंगा हैं। कानपुर में गंगा में गिरते नाले उसकी पवित्रता के लिए खतरा हैं।