चित्रकूट जिले की पुलिस पहले भी कई मुठभेड़ कर चुकी है। चित्रकूट के कपड़ा व्यापारी अशोक केसरवानी के बेटे आयुष के अपहरण और गला दबाकर हत्या के मामले में आरोपी कल्लू के एनकाउंटर ने डकैतों के दौर की यादें ताजा कर दी हैं।
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businessman son murder
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
चित्रकूट जिले का एनकाउंटर से पुराना नाता है। करीब एक दशक पहले तक चित्रकूट में आतंक चरम पर था। जंगलों और गांवों के आसपास गोलियों की आवाजें आम थीं, भयभीत रहते थे। शाम होते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता था और लोग घरों से बाहर निकलने से कतराते थे। डकैतों के सफाए के बाद ही लोगों को इस दहशत से मुक्ति मिली थी लेकिन एक बार फिर हुई मुठभेड़ ने उन खौफनाक दिनों की यादें ताजा कर दी हैं।
इस मुठभेड़ में बरगढ़ कस्बा निवासी आयुष केसरवानी का अपहरण कर हत्या करने में शामिल हत्यारे कल्लू उर्फ साहबे आलम का एसओजी, एसटीएफ ने मिलकर एनकाउंटर किया है।
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भीड़ द्वारा लगाई आग में जलता सामान
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पहले भी हो चुके हैं ऐसे जघन्य अपराध
13 फरवरी 2024 को रैपुरा कस्बा निवासी गुटखा व्यापारी राजधर कोटार्य के किशोर बेटे का अपहरण कर लिया गया था। दो दिनों से लापता किशोर के पिता से अपहरणकर्ताओं ने 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी।
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भीड़ द्वारा लगाई आग में जलता सामान
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शुरुआत में परिजनों ने इस कॉल को गंभीरता से नहीं लिया लेकिन दोबारा फोन आने पर पत्नी ने थाने पहुंचकर पुलिस को सूचित किया। इसके बाद पुलिस ने देर शाम देवांगना घाटी के जंगल से किशोर का शव बरामद किया। उसकी निर्मम हत्या की गई थी और सिर पत्थर से कुचला हुआ मिला था।
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हत्या के आरोपी कल्लू का फाइल फोटो
- फोटो : परिजन
12 फरवरी 2019 को भी एक ऐसी ही भयावह घटना सामने आई थी। उस समय चित्रकूट के एक तेल व्यापारी के 10 वर्षीय जुड़वा बेटों को स्कूल जाते समय अगवा कर लिया गया था। परिजनों ने 20 लाख रुपये की फिरौती भी अदा की थी लेकिन इसके बावजूद अपहरणकर्ताओं ने दोनों मासूमों की हत्या कर दी थी।
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मासूम बेटे के शव को देखकर बिलखते पिता
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बदमाशों के साथ पहले भी हो चुकी हैं मुठभेड़
जिले की पुलिस पहले भी कई मुठभेड़ कर चुकी है। इसमें वर्ष 2021 में 30 अक्तूबर को बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के जंगल में छोटी बिलहरी गांव निवासी डकैत गौरी यादव को एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया था।
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शौचालय में दफन मिला आयुष का शव, आयुष की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
राजापुर के जमौली गांव में 16 जून 2009 52 घंटे तक डकैत घनश्याम केवट और पुलिस के बीच गोलियां चलती रहीं। चार पुलिसकर्मी शहीद हुए और छह घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने डकैत को मार गिराया था।
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आयुष के शव को लेकर जाते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मानिकपुर क्षेत्र के निही चिरैया गांव के औदर जंगल में अगस्त माह गुरुवार तड़के पुलिस की 5.30 लाख के इनामी डकैत बबुली कोल गैंग से मुठभेड़ हो गई। इसमें रैपुरा थाने में तैनात दरोगा जयप्रकाश शहीद हो गए। दरोगा वीरेंद्र त्रिपाठी भी घायल हुए हैं। पुलिस ने तीन डकैतों को धर दबोचा है। इनमें एक डकैत राजू कोल को पुलिस की गोली लगी है।
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आयुष की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने करीब 10 दिन बाद पुलिस ने तीन सिंतबर (रविवार) को देर रात मढियां के जंगलों में 12 हजार में इनामी डकैत शारदा कोल को मार गिराया।
धारकुंडी थानांतर्गत लेदरी जंगल में 16 सितंबर 2019 को डकैत बबुली कोल और उसके करीबी लवलेश कोल को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था।
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कारोबारी के बेटे की अपहरण के बाद हत्या पर फूटा लोगों का गुस्सा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दुकान के सामने शव रखकर नारेबाजी, फिर अंतिम संस्कार
चित्रकूट के बरगढ़ कस्बा में आयुष केसरवानी (13) का शनिवार को अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा के दौरान व्यापारियों ने दुकान के सामने शव रखकर नारेबाजी करते हुए अंतिम संस्कार रोकने का भी प्रयास किया लेकिन पुलिस के समझाने पर मान गए।
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कारोबारी के बेटे की अपहरण के बाद हत्या के बाद मौके पर पुलिस बल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस बल की मौजूदगी में आयुष का अंतिम संस्कार हुआ। सुबह करीब 10 बजे परिजन व्यापारियों के साथ घर से शव लेकर बाजार होकर श्मशान घाट के लिए निकले। परिजनों ने बाजार स्थित अपनी दुकान के सामने शव रख दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
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कारोबारी के बेटे की अपहरण के बाद हत्या के बाद मौके पर पुलिस बल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
व्यापारियों का कहना था कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी मुख्यमंत्री की ओर से शोक संवेदना तक व्यक्त नहीं की गई। साथ ही कोई जनप्रतिनिधि मौके तक नहीं पहुंचा है। इस बात से व्यापारियों में काफी नाराजगी रही।
कारोबारी के बेटे की अपहरण के बाद हत्या के बाद मौके पर भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
व्यापारियों की मांग रही कि मुख्य आरोपी इरफान के भाई नौशाद के बरगढ़ स्थित घर में बुलडोजर चलाया जाए। इसकी जानकारी होते ही मौके पर पहुंचे एएसपी ने व्यापारियों को कार्रवाई का भरोसा दिया। तब जाकर व्यापारी अंतिम संस्कार के लिए माने। फिर करीब 12 बजे पिता अशोक ने बेटे को मुखाग्नि दी।