बांदा के बबेरू में शक के चलते एक हंसता-खेलता परिवार बर्बादी की कगार पर पहुंच गया। दो बेटों चौदह साल के संदीप और बारह साल के कुलदीप के सिर से जहां मां का साया उठ गया, वहीं अब पिता भी जेल की सलाखों के पीछे रहेगा। पिता ने दोनों बच्चों की मां की सिर काटकर हत्या तो कर दी, लेकिन अब कोतवाली परिसर में बेटों के भविष्य को लेकर चिंतित भी दिखा। वहीं बच्चों ने जब मां का कटा हुआ सिर देखा तो बेहोश हो गए।
किन्नर फिक्र है कि अब उसके बच्चों का भविष्य कैसे संवरेगा। कौन उनको पालेगा और किस तरह से आगे की पढ़ाई करेंगे। कोतवाली में मौजूद दोनों बच्चे संदीप और कुलदीप रो-रो कर सभी से यही कह रहे थे कि हम आगे कैसे पढ़ेंगे, कहां रहेंगे। पत्नी के पड़ोसी से संबंधों के शक में नफरत की आग में जल रहे पति किन्नर यादव को अपने दोनों बच्चों से काफी लगाव है।
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पत्नी का सिर काट थाने पहुंचा युवक
- फोटो : amar ujala
कोतवाली में खुद को पुलिस के सामने सरेंडर करने के बाद उसने कहा कि वह तो जेल जा रहा है। अब दोनों बच्चों का लालन-पालन कैसे होगा। घटना के समय दोनों बेटे कोचिंग गए थे। जेपी शर्मा इंटर कॉलेज में बड़ा बेटा संदीप कक्षा नौ और छोटा कुलदीप कक्षा आठ में पढ़ते हैं। कालेज के शिक्षकों के मुताबिक, दोनों बच्चे पढ़ने में काफी होशियार हैं।
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कटा सिर लेकर जहां से गुजरा फैल गई दहशत
- फोटो : amar ujala
कोतवाली में दोनों बच्चों ने बताया कि घटना से एक दिन पहले बृहस्पतिवार को पिता किन्नर ने उन्हें 3135 रुपये दिए थे। कहा था कि मम्मी से न बताना। बच्चों के मुताबिक, शाम तक कोई बात नहीं थी। सब ठीकठाक था। सभी ने हंसी खुशी खाना खाया। संदीप के मुताबिक, पता नहीं सुबह पापा को क्या हो गया। जब हम घर पहुंचे तो मां की सिर कटी हुई लाश पड़ी थी। दोनों बच्चे कोतवाली में यह बात बताते हुए फफक कर रो पड़े।
बच्चों ने बताया कि मां विमला ने ईंट पाथने की मजदूरी कर यह घर बनवाया था। मां ने भैंस खरीदने के लिए बुधवार को बहुल्ला पुरवा जाकर एक हजार रुपये बयाना भी दिया था। शुक्रवार को उसे भैंस लेने बहुल्ला पुरवा जाना था। मां ने आजीविका मिशन समूह से 30 हजार रुपये कर्ज लिया था। बच्चों के मुताबिक, मम्मी-पापा के बीच कोई झगड़ा नहीं होता था।