उन्नाव में गैंगरेप अाैैर फिर रेप पीड़िता के पिता की माैत से माखी गांव में दहशत का माहाैल है। सीबीअाई की जांच ने इस गांव काे पूरी तरह से खामाेश कर दिया है। यहां काेई भी बात करने के लिए तैयार नहीं हाेता है। हर चेहरे पर डर नजर अाता है। लाेगाें ने यहां एक दूसरे से भी बाेलना छाेड़ दिया है।
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गांव में पसरा सन्नाटा
किशोरी के गांव मेें सीबीआई के अलावा काफी पुलिस फोर्स तैनात रही। गांव में कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। इतना ही नहीं विधायक की सह आरोपी शशि सिंह के घर में ताला लगा है। गांव में जो लोग भी आते-जाते दिखे भी वह बात करने से बचते रहे। ग्रामीणों से विधायक के घर का रास्ता बताने से भी हिचकते रहे।
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कुलदीप सिंह सेंगर
गैंगरेप के आरोपी विधायक पर मारपीट के दौरान जेल में पीड़िता के पिता की मौत और किशोरी की मां की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज न करने के मामले में निलंबित माखी थाने के तत्कालीन एसओ सहित सभी छह पुलिस कर्मियों का रिकार्ड भी सीबीअाई ने खंगाले।
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कुलदीप सिंह सेंगर
सभी पर विधायक के दबाव में रिपोर्ट दर्ज करने में तथ्यों की अनदेखी करने और पीड़ित (किशोरी के पिता) के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज करने और सीबीआई ने अभिलेखों का निरीक्षण कर, तहरीर और उसकी एफआईआर कॉपी का मिलान किया। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक पुलिसकर्मियों और आरोपी विधायक के बीच हुई बातचीत की काल डिटेल की भी जांच कर रही है।
वर्ष 2017 में किशोरी के साथ हुई घटना में विधायक के शामिल होने का मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही सीबीआई तत्कालीन बीट इंचार्ज अजय राजावत इस समय सफीपुर कोतवाली में तैनात हैं। आईजी सीबीआई के माखी पहुंचने पर अजय राजावत को भी बुलाया गया और सीबीआई ने उस समय की घटना से संबंधित सवालों पर करीब आधे घंटे पूछताछ की। सीबीआई ने तत्कालीन एसपी नेहा पांडेय, तत्कालीन सफीपुर सीओ, एसओ को भी तलब किया है।