नारायण सिंह भदौरिया की करतूतों से हुई फजीहत के बीच भाजपा अब अपनों की खेमेबंदी से जूझती नजर आ रही है। इससे पार्टी में फूट साफ दिख रही है। इसमें बड़े से लेकर छोटे नेता तक शामिल हो गए हैं। भाजपा के एक बड़े नेता अभी भी नारायण सिंह की पैरवी में लगे हैं, जबकि दूसरे नेता विरोध में। नारायण सिंह को फंसते देख पार्टी के नेता दूसरे नेताओं की कलई खोलने में जुट गए हैं। दो दिन पहले तक भाजपा की दक्षिण इकाई के जिला मंत्री रहे नारायण सिंह और उसके साथियों द्वारा हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह को पुलिस की गिरफ्त से भगाने के बाद पार्टी के नेता जिस तरह गुटबाजी में शामिल हुए, वह थमने का नाम नहीं ले रही। गुटबाजी अब गुपचुप तरीके से न होकर सड़क पर आ गई है। भाजपा में किदवईनगर मंडल की मंत्री शैलजा सिंह की मुख्यमंत्री, डीजीपी, प्रमुख सचिव गृह और पुलिस कमिश्नर को लिखी चिट्ठी इसका जीता जागता उदाहरण है।
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प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के साथ संदीप ठाकुर ।
- फोटो : amar ujala
शैलजा ने अपनी ही पार्टी के पदाधिकारी भाजयुमो के कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र उपाध्यक्ष संदीप ठाकुर के खिलाफ मोर्चा खोला है। शैलजा ने संदीप के साथ पुलिस अफसरों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। खास बात यह है कि शैलजा ने जिलाध्यक्ष, क्षेत्रीय अध्यक्ष या पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष से यह शिकायत नहीं की। संगठन को नजरंदाज करते हुए उन्होंने सीधे पुलिस पर भरोसा जताया। शैलजा ने लिखा है कि मनोज सिंह पर हिस्ट्रीशीटर संदीप ठाकुर हमला करा चुके हैं। संदीप पर गंभीर आरोप में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अफसरों के साथ सांठगांठ कर संदीप ने विरोधियों पर फर्जी मुकदमे दर्ज कराए हैं। आए दिन वो बवाल करता है, लेकिन पुलिस उस पर कार्रवाई नहीं करती। शैलजा ने कई थानेदारों और पुलिस अफसरों पर भी संदीप का करीबी होने का आरोप लगाया है। पुलिस कमिश्नर से उन्होंने संदीप और पुलिस अफसरों की सांठगांठ की जांच कराने की मांग की है।
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पुलिस पर हमला कर हिस्ट्रीशीटर को छुड़ाने का आरोपी पूर्व भाजपा नेता नारायण सिंह
- फोटो : amar ujala
गुटबाजी के पीछे भी बड़े-बड़े
सूत्रों के मुताबिक, नारायण सिंह भदौरिया और संदीप ठाकुर को शह देने वालों में कई बड़े नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। इनमें भाजपा कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के एक नेता, संघ के एक पदाधिकारी समेत कई प्रभावशाली लोग शामिल हैं। बताया जा रहा है कि एक नेता ऐसे हैं, जिन्होंने दोनों गुटों को शह दे रखी थी। कुछ प्रदेश पदाधिकारी भी इनके सरपरस्तों में शामिल हैं। अब इन्हीं नेताओं की शह पर छोटे नेता एक-दूसरे की पोलपट्टी खोल रहे हैँ।
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हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह, भाजपा नेता नारायण
- फोटो : amar ujala
शैलजा सिंह नारायण सिंह भदौरिया के पक्ष में खड़ी हैं। दरअसल शैलजा की बहन की बेटी की शादी नारायण के भाई से तय हुई है। इससे वह रिश्तेदारी निभा रही हैं। इसी वजह से मुझ पर निराधार आरोप लगाए हैं। मेरे ऊपर जो भी केस दर्ज थे, वो सियासी अदावत में किए गए थे। अधिकतर मुकदमे छात्र राजनीति के समय के हैं। अब मैं अपना जीवन ठीक से बिताना चाह रहा हूं तो बेवजह के आरोप लगाए जा रहे हैं। संदीप ठाकुर, उपाध्यक्ष, भाजयुमो कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र
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नारायण सिंह ने साथियों के साथ हमला कर हिस्ट्रीशीटर को छुड़ाया था
- फोटो : amar ujala
ये सही बात है कि मेरी बहन की शादी नारायण के भाई से हो रही है। मगर यहां बात संदीप ठाकुर के अपराध की है। हां, मुझे पहले संगठन में शिकायत करनी चाहिए थी, मगर इसमें पार्टी क्या करेगी, अपराधी को सजा तो पुलिस ही देगी। इस चिट्ठी में गुटबाजी जैसी बात नहीं है। शैलजा सिंह, मंत्री, भाजपा किदवईनगर मंडल
पुलिस पर हमला कर अपराधी को भगाने का मामला
- फोटो : अमर उजाला
शैलजा सिंह को पार्टी के किसी नेता से शिकायत है तो वे पहले मंडल अध्यक्ष को पत्र लिखतीं। वहां से पत्र मेरे पास आता। मैं समस्या का समाधान न कर पाती तो क्षेत्रीय अध्यक्ष से मशविरा करती। यहां से भी समाधान न मिलता वे सीधे प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिख सकती थीं, लेकिन संगठन को दरकिनार कर सीधे पुलिस को पत्र लिखना उचित नहीं है। वीना आर्या पटेल, अध्यक्ष भाजपा दक्षिण जिला इकाई