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Death of Three Laborers: जबरन शव उठाने पर भड़की भीड़, पुलिस से हुई हाथापाई, जानिए क्यों बढ़ गया था मामला

Mon, 19 Sep 2022 12:52 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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Death of Three Laborers - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में कर्रही के मालवीय नगर में रविवार सुबह एक निर्माणाधीन मकान के सोख्ता टैंक में जहरीली गैस से तीन मजदूरों की मौत के बाद उनके परिजनों ने भारी बवाल किया। पुलिस से हाथापाई तक हुई। ठेकेदार भी जहरीली गैस की चपेट में आ गया था इसलिए उसका भी प्राथमिक उपचार कराया गया। इलाज होने के बाद पुलिस ने उसको हिरासत में ले लिया। मकान मालिक की तलाश जारी है।

पीड़ित परिजन इन दोनों पर कार्रवाई करने के साथ-साथ मुआवजे की मांग कर रहे थे। एडीसीपी साउथ का कहना है कि प्रशासन को उनकी मांगों से अवगत कराया गया है। दरअसल, घटना के बाद अमित कुमार व अंकित पाल के शव अस्पताल से सीधे मोर्चरी भेज दिए गए। अमित जहानाबाद व अंकित कठोंगर बिधनू का रहने वाला था। बिधनू के धरहर निवासी शिवा के भाई मोनू, अरुण, विष्णु समेत दर्जनों लोग पहुंच गए।
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Death of Three Laborers - फोटो : अमर उजाला
अस्पताल से उसका शव घटनास्थल ले गए। यहां पर शव रखकर प्रदर्शन करने लगे। सूचना पर एडीसीपी साउथ अंकिता शर्मा, एसीपी गोविंद नगर विकास पांडेय समेत आठ थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा। परिजन शव उठाने को राजी ही नहीं हो रहे थे। इसी दौरान जब पुलिस जबरदस्ती शव को टेंपो में लादकर भेजने का प्रयास करने लगी तो भीड़ भड़क गई। पहली गाली-गलौज हुई फिर पुलिस से हाथापाई शुरू हो गई।
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Death of Three Laborers - फोटो : अमर उजाला
एक शख्स टेंपो के आगे लेट गया। दो लोग टायर की हवा निकालने लगे। एसीपी गोविंद नगर विकास कुमार पांडेय ने हवा निकाल रहे शख्स को दो तीन तमाचे जड़ दिए, इससे नाराज भीड़ ने शव को उतारकर सड़क पर रख दिया और हंगामा शुरू किया।  सुबह करीब नौ बजे हादसा हुआ। 11 बजे तक सभी के परिजन मौके पर पहुंच गए थे। घटनास्थल की फोरेंसिक जांच कराई गई। उसके बाद पुलिस ने शव को मोर्चरी भेजने की बात कही।

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Death of Three Laborers - फोटो : अमर उजाला
इस पर शिवा के परिजनों ने शव उठाने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि जब तक मकान मालिक व ठेकेदार गिरफ्तार नहीं होते और मुआवजा नहीं मिलता तब तक शव नहीं उठेगा। काफी देर तक बातचीत होती रही लेकिन बात नहीं बनी। दोपहर एक बजे हालात बिगड़ गए। भीड़ के विरोध प्रदर्शन रोकने के लिए पुलिसकर्मियों ने जैसे ही छिटपुट पिटाई की वैसे ही भीड़ और भड़क गई। हालांकि एडीसीपी साउथ व अन्य अफसरों ने किसी तरह से मामला संभाला।
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Death of Three Laborers - फोटो : अमर उजाला
हर कोई हैरान, आखिर कैसे गई जान
टैंक नया बना था। उसका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था। इसलिए जिसको भी हादसे की जानकारी हुई वह हैरान रह गया। क्योंकि पहले कभी ऐसा नहीं हुआ कि नए टैंक में जहरीली गैस बन जाए और किसी की जान चली जाए। यहां आशंका है कि चूंकि बारिश का पानी टैंक में भरा था। ऊपर से वह पूरी तरह से ढका हुआ था। इसी वजह से जहरीली गैस बन गई हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह स्पष्ट होगी।
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Death of Three Laborers - फोटो : अमर उजाला
सात फीट गहरा है टैंक, एक घंटे तक पड़े रहे तीनों
टैंक सात फीट गहरा है। तीनों को निकालना लोगों के लिए मुसीबत बन गया। करीब एक घंटे वे उसी में पड़े रहे। आसपास के लोगों ने ही किसी तरह से उनको निकाला। निकालने में देरी की वजह यह भी कि लोग डर रहे थे। उनको आशंका थी कि कहीं वह भी चपेट में न आ जाएं।
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Death of Three Laborers - फोटो : अमर उजाला
खामियां तलाश रहे जिम्मेदार
पुलिस के अलावा अन्य जिम्मेदार अफसर मौके पर पहुंचे। वह जांच कर रहे हैं कि मकान निर्माण कराने में मानकों पूरा किया गया था या नहीं। यह तो स्पष्ट है कि बिना किसी सुरक्षा उपकरण के तीनों मजदूर टैंक में घुसे थे।
 
 
 
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