कानपुर देहात के ककवन कस्बा स्थित मिंटो सर्किल स्कूल की बस अनियंत्रित हो पलट गई। दुर्घटना में बस में सवार कुल 50 बच्चों में से 26 बुरी तरह घायल हुए जबकि कई बच्चों के सिर, हाथ, पैर, सीना, पीठ आदि से खून निकलने लगा। चीख-पुकार सुनकर दौड़े आसपास के ग्रामीणों ने बस की कांच-खिड़की तोड़कर घायल बच्चों को बाहर निकाला और सीएचसी ककवन में भर्ती कराया। जहां इमरजेंसी में डाक्टर न होने के कारण करीब एक दर्जन अभिवावक जैसे-जैसे अपने लहुलहुन बच्चों को लेकर बिल्हौर आए। जिनमें से दो की हालत नाजुक होने पर डाक्टरों ने उन्हें कानपुर रेफर कर दिया।
कुर्सीखेड़ा की ओर जा रही थी बस
दुर्घटनाग्रस्त बस
सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे ककवन कसबा स्थित मिंटो सर्किल स्कूल की बस कानपुर देहात जनपद के कृष्णदत्त निवादा, भोलापुरवा, कुर्सीखेड़ा, दलिकपुर आदि गांवों से बच्चे को लेने गई थी। बस कानपुर देहात जिले के ही नौहांनौगांव निवासी चालक आलोक चला रहा था जबकि परिचालक असलम उसके साथ था। क्षेत्र के सभी बच्चों को बस में बिठाकर चालक-परिचालक ककवन स्थित स्कूल लौट रहे थे तभी करीब 9:30 बजे हलालनिवादा-कुर्मीखेड़ा संपर्क मार्ग के गहदेवा गांव के सामने चालक गाड़ी से नियंत्रण खो बैठा और बच्चों से भरी खचाखच बस सड़क किनारे करीब 8-10 फिट गहरे गड्डे में जा गिरी। दुर्घटना होते ही बस के अंदर चीखपुकार मच गई। चीख-पुकार सुनकर दौड़े आसपास के ग्रामीणों ने बस के शीशे-खिड़की तोड़कर जैसे-जैसे घायल बच्चों को बाहर निकाला
घायल बच्चों को सरकारी अस्पताल भेजा गया
दुर्घटनाग्रस्त बस
दुर्घटना में कृष्णदत्त निवादा गांव के नमन और पवन शुक्ला पुत्रगण श्याम किशोर और दलिकपुर गांव के रविकांत तिवारी पुत्र हरिओम, रुद्रकुमार पुत्र दीपक कुमार, शिवकांत पुत्र हरिओम तिवारी, अमित कुमार पुत्र रामशंकर, प्रांशी त्रिवेदी पुत्री राजेश त्रिवेदी सहित भोलापुरवा गांव के सचिन पाल पुत्र राजबहादुर इसके अलावा कुर्सीखेड़ा गांव के विजय शुक्ला पुत्र रामलखन शुक्ला, शोभित पुत्र मान सिंह वहीं मझगवां गांव के विशाल पुत्र संजय कुमार व लुधाखर गांव के तनु पुत्री रामबाबू, रामजी पुत्र जगत नारायण, रोशनी पुत्री जगजीवन आदि गंभीररूप से घायल हो गए। उक्त बच्चों के साथ-साथ करीब बड़ी संख्या में छोटे-छोटे बच्चों के हाथ, पैर और सिर में बस के विविध लोहे के सामान लगने से वह भी बुरी तरह चुटहिल हो गए। गंभीर घायल बच्चों को आनन-फानन में सीएचसी ककवन लाया गया, लेकिन इमरजेंसी में कोई डाक्टर मौजूद न मिलने पर सभी अभिवावक जैसे-जैसे बिल्हौर के एक निजी अस्पताल पहुंचे और उपचार कराया। जहां रविकांत और शिवकांत की पीट पर गंभीर चोटें होने के कारण डाक्टरों ने दोनों को कानपुर रेफर कर दिया। अभिवावकों की मानें तो बस में फंसे बच्चों को निकलाने की बजाय बस चालक परिचालक मौके से भाग गए। कुछ बच्चों ने बताया कि चालक गाड़ी चलाने के दौरान मोबाइल से गाना सुनने में व्यस्त था इसीकारण सड़क गहराई नहीं समझ पाया और दुर्घटना हो गई।
जिम्मेदार बोले
विकास खंड ककवन प्रभारी बीईओ अमरनाथ ने कहा कि मुझे ककवन स्थित मिंटो सर्किल स्कूल की बस दुर्घटनाग्रस्त होने की जानकारी मिली है, मंगलवार को विभागीय टीम भेजकर स्कूल प्रबंधन, चालक-परिचालक, अभिवावक और छात्र-छात्राओं से बयान दर्ज कर रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी।
पुलिस क्षेत्राधिकारी बिल्हौर मनोज गुप्ता ने कहा कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही ककवन थाना एसओ को जानकारी दे दी गई थी, मौके से भागे स्कूल बस के चालक-परिचालक यदि दोषी पाए जाएंगे तो उनके विरुद्ध कार्यवाई अमल में लाई जाएगी।