कानपुर के सचेंडी के किसान नगर में मंगलवार रात को डबल डेकर बस और टेंपो की टक्कर में हुई 17 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 12 मजदूर लालेपुर और पांच ईश्वरीगंज के रहने वाले हैं। सड़क हादसे में मरने वालों के शव एक के ऊपर एक लादकर हैलट लाए गए। एक में तो कुछ घायल भी थे। दरअसल एंबुलेंस के देरी से पहुंचने पर पुलिस को शव व घायलों को लोडर से भिजवाना पड़ा। उधर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर घायलों के परिजनों ने हैलट में हंगामा भी किया। हादसा रात करीब साढ़े आठ बजे हुआ। सूचना पर पुलिस पहुंची और एंबुलेंस को सूचना दी गई। काफी देर तक एंबुलेंस के न पहुंचने पर घायलों को तड़पता देख उन्हें भी शव के साथ ही लोडर से भेजा गया। लोडर में शवों और घायलों को देखकर हर कोई सकते में आ गया। पुलिस अफसर भी देखकर हैरान रहे।
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हादसे के बाद टेंपो से घायलों को निकालते लोग, डबल डेकर बस पलटी हुई
- फोटो : अमर उजाला
घायलों की अनदेखी पर हैलट में हंगामा
सैकड़ों लोग हैलट पहुंच गए। घायलों के तीमारदारों ने देखा कि उनके परिवार वाले इलाज के लिए तड़प रहे हैं लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। इस पर वे हंगामा करने लगे। हालांकि कुछ देर बाद पुलिस कमिश्नर, आईजी समेत अन्य अफसर पहुंचे और उन्हें शांत कराया। सीएमओ पहुंचे तब सभी का इलाज शुरू हो सका।
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कानपुर दर्दनाक हादसा
- फोटो : अमर उजाला
पूरा परिसर रोने-चीखने की आवाज से गूंजता रहा
17 मृतक परिवारों और करीब एक दर्जन घायलों के परिजन हैलट पहुंचे। पूरे हैलट में मातम पसरा था। पूरा परिसर रोने चीखने की आवाज से गूंज रहा था। उधर तमाम मरीजों को उनके तीमारदार डिस्चार्ज करवा ले गए। भारी पुलिस बल की तैनाती की गई।
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हादसे के बाद पलटी हुई बस
- फोटो : अमर उजाला
हाईवे पर उल्टी दिशा से कैसे आया टेंपो
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हाईवे के कारण बस काफी स्पीड में थी। चालक को जरा भी इल्म नहीं था कि हाईवे पर कोई उल्टी दिशा से आ जाएगा। यही वजह रही कि जब टेंपो सामने आया तो बचने का कोई मौका नहीं मिला। दोनों वाहन आमने-सामने से टकरा गए।
एक घायल की हालत नाजुक, कोरोना पॉजिटिव भी निकला
हैलट में घायलों को भर्ती कराया गया है। इसमें 23 वर्षीय अंकित की हालत नाजुक बनी हुई है। उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक अगले 24 घंटे उसके लिए महत्वपूर्ण हैं। अन्य घायलों की हालत इससे बेहतर है। पुलिस, प्रशासन और मेडिकल विभाग के अफसर भी हैलट में मौजूद रहे। उन्होंने दावा किया कि घायलों के इलाज में किसी तरह की कोई कमी नहीं होगी।