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कानपुर हादसा: तीन सगे भाइयों की मौत, मां को महंगी साड़ी देने का किया था वादा, कफन से लिपटे शव देख फफक पड़े परिजन

Wed, 09 Jun 2021 11:43 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर दर्दनाक हादसा - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश में कानपुर के सचेंडी के किसान नगर में मंगलवार रात को डबल डेकर बस और टेंपो की टक्कर में हुई 17 लोगों की मौत से लालेपुर और ईश्वरीगंज गांव में मातम पसर गया। चारों तरफ चीत्कार मची रही। दरअसल, मरने वालों में 12 मजदूर लालेपुर और पांच ईश्वरीगंज के रहने वाले हैं। एक ही परिवार के तीन भाइयों की मौत ने सभी झकझोर दिया। ग्रामीणों के मुताबिक सभी लोग हर दिन एक साथ काम पर जाते थे और एक साथ लौटते थे। ड्यूटी का समय एक होने की वजह से सभी एक ही गाड़ी से आते-जाते थे। मंगलवार को सभी लोग करीब साढ़े सात बजे टेंपो से फैक्टरी के लिए रवाना हुए। कुछ ही देर बाद हादसा हो गया। हादसे में लालेपुर गांव निवासी तीन सगे भाइयों शिवभजन (22), राम मिलन (24) और लवलेश (20) की मौत हुई है। बेटों का कफन से लिपटा शव देख परिजन बदहवास हो गए।
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हादसे के बाद पलटी हुई बस - फोटो : अमर उजाला
इमरजेंसी से लेकर मोर्चरी तक मची चीत्कार
कानपुर हादसे में अपनों की मौत की सूचना पर हैलट इमरजेंसी पहुंचे परिजन क्षतविक्षत शव देखकर दहाड़े मारकर रोने लगे। कोई शव से लिपटकर रो रहा था तो कोई बेहोश होकर गिर पड़ा। परिजन वहां मौजूद पुलिस अधिकारी से लेकर डॉक्टर, नर्स, वार्ड ब्वॉय और सफाईकर्मियों तक से अपनों की जान बचाने की गुहार लगा रहे थे। 
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हादसे के बाद टेंपो से घायलों को निकालते लोग, डबल डेकर बस पलटी हुई - फोटो : अमर उजाला
फैक्टरी मालिक भेजता था एक ही टेंपो, 280 रुपये दिहाड़ी
ग्रामीणों ने बताया कि बिस्कुट फैक्टरी का मालिक इन मजदूरों को 280 रुपये रोज देता था। महीने की 15 तारीख को सैलरी व 25 को एडवांस दिया जाता था। हादसे में जान गंवाने वाले तीन भाइयों के बड़े भाई अजय ने बताया कि फैक्टरी मालिक एक ही टेंपो गांव भेजता था। उसमें सवार होकर लालेपुर और ईश्वरीगंज के लोग फैक्टरी जाते थे। कई बार शिकायत के बाद भी उसने सुनवाई नहीं की। 

 

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kanpur bus accident sachendi - फोटो : अमर उजाला
मां को महंगी साड़ी देने का किया था वादा
हादसे में जान गंवाने वाले तीनों भाइयों ने 15 जून को सैलरी आने पर अपनी मां गीता देवी को महंगी साड़ियां देने का वादा किया था। भाई अजय कहना कि हादसे में तीनों की मौत की खबर सुनकर उनके माता-पिता की तबीयत खराब हो गई। आननफानन में उन्हें पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद वे हैलट गांव के अन्य लोगों के साथ पहुंचे।
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हादसे के बाद की तस्वीरें - फोटो : अमर उजाला
हादसे में इनकी जान गई
रजनीश (20), लालेपुर सचेंडी
शिवभजन(22) लालेपुर सचेंडी
राम मिलन(24) लालेपुर सचेंडी  
लवलेश (20) लालेपुर सचेंडी 
गोलू परिहार (20), लालेपुर सचेंडी 
धर्मराज( 22)  लालेपुर सचेंडी 
करनसिंह (35) लालेपुर सचेंडी
गौरव(22) लालेपुर सचेंडी
नन्हू पासवान (22), लालेपुर सचेंडी 
सुभाष पासी (20), लालेपुर सचेंडी 
उदय नारायण यादव(60) लालेपुर सचेंडी
ज्ञानेंद्र सिंह परिहार(50) लालेपुर सचेंडी
धनीराम कुरील(55) ईश्वरीगंज सचेंडी 
बलबीर यादव (50) ईश्वरीगंज, सचेंडी
सुरेंद्र यादव (45) ईश्वरीगंज सचेंडी 
अन्नू सिंह (18) ईश्वरीगंज सचेंडी 
मान सिंह (32) सकतपुर सचेंडी, टेंपो चालक
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