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दहेज के दानवों ने पार की क्रूरता की हदेंः युवती को जिंदा जलाया, टूटी चूड़ियां देख तड़प उठे लोग

Mon, 28 May 2018 09:10 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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शोकाकुल परिजन, बिखरी पड़ीं चूड़ियां - फोटो : अमर उजाला
यूपी में कन्नौज जिले के छिबरामऊ में एक युवती के साथ ससुरालियों ने क्रूरता की हदें पार दीं। पति ने परिजनों के साथ मिलकर पत्नी को पीटा और फिर तेल डालकर उसे जिंदा जला दिया।


आगे की स्लाइड में- 10 बजे इसी बात को लेकर आरती और रामसेवक के बीच कहासुनी होने लगी
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शोकाकुल परिजन - फोटो : अमर उजाला
औरैया जनपद के दिबियापुर के गांव गुलाबपुर निवासी हरिपाल ने 28 मई 2017 को अपनी 23 वर्षीय बेटी आरती की शादी छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के नायक नगला बंजारनपुर दीपकपुर निवासी रामसेवक के साथ की थी। दहेज में बाइक की मांग पूरी न होने के कारण शादी के बाद से ही रामसेवक और उसके परिवार के लोग आरती को प्रताड़ित करने लगे थे। रविवार रात करीब 10 बजे इसी बात को लेकर आरती और रामसेवक के बीच कहासुनी होने लगी। इसके बाद रामसेवक ने परिवार के लोगों के साथ आरती को पीट दिया। फिर एक कमरे में ले जाकर तेल छिड़क कर उसे जिंदा जला दिया और घर से भाग निकले।

आगे की स्लाइड में - आरती का अधजला शव दिखाई देने के साथ बेड और कपड़ों को सुलगता देखा
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scattered bangles - फोटो : अमर उजाला
सोमवार सुबह करीब पांच बजे पड़ोसियों ने आरती के कमरे से निकलता धुआं उठता देखा व आरती का अधजला शव दिखाई देने के साथ बेड और कपड़ों को सुलगता देखा। इसके बाद पड़ोसियों ने पुलिस और उसके पिता को फोन कर मामले की सूचना दी। फोरेंसिक टीम के साथ पहुंचे सीओ लक्ष्मीकांत गौतम ने छानबीन शुरू कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं आरती के पिता हरिपाल ने पति रामसेवक, देवर नीरज उर्फ नीरु, सास पुष्पा देवी, चचिया ससुर पुजारी के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी रामसेवक और उसके भाई नीरज को गिरफ्तार लिया। सीओ लक्ष्मीकांत गौतम ने बताया कि प्राथमिक जांच में आरती की हत्या के संकेत मिल मिले हैं। मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।


आगे की स्लाइड में- आरती के परिवार को जिंदगी भर रुलाएगा 28 मई 

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मृतका का चाचा - फोटो : अमर उजाला
28 मई आरती के परिवार को जिंदगी भर की टीस दे गई। अब शायद ही कभी आरती का परिवार इस दिन को भूल पाए। 28 मई 2017 को ही आरती की शादी हुई थी। घर में खुशियां छाईं थीं। लेकिन ठीक एक साल बाद 28 मई 2018 को सब कुछ बदल गया। आरती के परिजनों को ससुराल में उसका जला हुआ शव देखने को मिला तो आंसुओं की धारा फूट पड़ी। चीख हर तरफ सुनाई दे रही थीं। दहेज लोभी पति ने पत्नी मौत के घाट उतारने की साजिश पहले से ही सुनियोजित कर रखी थी। प्रताड़ना से तंग आकर मायके रह रही पत्नी को वह जिंदगी भर खुश रखने का झांसा देकर हाल में ही गांव बुला लाया था। यहां परिवार के लोगों के साथ एक राय होकर उसे जिंदा जला दिया।

आगे की स्लाइड में- उसने कभी सपनों में नहीं सोंचा था कि उसकी बेटी को दहेज के दानव जिंदा जला देंगे

 
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क्षेत्राधिकारी लक्ष्मी कांत गौतम - फोटो : अमर उजाला
मृतका आरती के पिता ने हरिपाल ने बताया कि शादी के बाद से बेटी का पति रामसेवक और परिवार के लोग बाइक की मांग को लेकर प्रताड़ित करते थे। ससुरालियों की प्रताड़ना से तंग आकर आरती ससुराल छोड़कर उसके पास चली आई थी। करीब 15 दिन पूर्व दामाद रामसेवक ने कभी भी मारपीट न करने और हमेशा खुश रखने का वायदा कर विदा करा ले आया था। उसने कभी सपनों में नहीं सोंचा था कि, उसकी बेटी को दहेज के दानव जिंदा जला देंगे। 

आगे की स्लाइड में- टूटी चूड़ी देख तड़प उठे मायके वाले
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
दहेज लोभियाें के हाथों मौत का शिकार हुई आरती के अधजले शव को देखकर हर किसी आंखें नम हो गई। आंगन में आरती की टूटी पड़ी चूड़ियां और टूटा हेयर पिन देखकर पिता हरिपाल और उसके परिवार के लोग तड़प उठे। हत्या से पहले मारपीट के दौरान आंगन में बना कच्चा चूल्हा भी टूटा पड़ा था। टूटी चूंड़ियों और टूटे चूल्हे को देखकर पुलिस अधिकारियों ने शंका व्यक्त की है, कि आग से जिंदा जलाने से पहले आरती के साथ जमकर हाथापाई और मारपीट हुई है।
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