हमीरपुर के कुरारा इलाके में हुए यमुना हादसे से गांव के दो परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना में एक परिवार के भाई-बहन डूब गए। भाई का शव तो मिल गया, लेकिन उसकी बहन का कोई सुराग नहीं लग सका है। मछुवारों ने तीसरे मासूम बालिका का शव भी निकाल लिया है।
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नदी में डूबे बच्चों को तलाशते गोताखोर
- फोटो : अमर उजाला
मृतक रामवीर तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। दूसरे नंबर का जयवीर व छोटा भाई बऊवा विकलांग है। एक बहन अभिलाषा है। पिता भी विकलांग है। जिसके कारण रामवीर की मां गिरजा मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करती है।
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घटना के बारे में सूचना मिलने पर नदी किनारे पहुंचे ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
गिरजा ने बताया कि उसके पास दो बीघे खेत हैं, लेकिन कोई पैदावार नहीं होती है। रामवीर व पड़ोस के ही स्व.देशराज की पुत्री रूबी के शव तो मिल गए, लेकिन बहन अभिलाषा का अभी तक पता नहीं लगा है। घटना के बाद से परिजनों में कोहराम मचा है। रामवीर के पिता मोहनलाल ने बताया कि वह विकलांग है। जिससे घर में ही रहता है।
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घटनास्थल पर विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
बताया कि उसकी पत्नी मेहनत मजदूरी कर घर का खर्चा चलाती है। बताया कि तीन पुत्रों के साथ एक बेटी रूबी थी। रूबी का भाई धर्मेंद्र सूरत में फैक्ट्री काम करता है। जबकि उसकी बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। घर में अकेली मां का रो-रोकर बुराहाल है।
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बच्चों की मौत पर दो परिवार गमगीन
- फोटो : अमर उजाला
थानाध्यक्ष एके सिंह ने बताया कि नदी में पानी अधिक है और बहाव भी तेज है। बताया कि मनकी गांव से अच्छे तैराकों को बुलाया गया है। अंधेरे के कारण टार्च वगैरह का इंतजाम किया गया है। जिस पर लापता अभिलाषा की खोज की जा रही है। बताया कि दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
घटना के बाद नदी किनारे लगा जमघट
- फोटो : अमर उजाला
ग्राम प्रधान ने नरेश की थपथपाई पीठ
गांव निवासी पूर्व प्रधान छोटेलाल निषाद ने नरेश की बहादुरी पर उसकी पीठ थपथपाई है। कहा कि नरेश ने जान की बाजी लगाकर तीन जिंदगी बचाई हैं। कहा कि वह जिलाधिकारी से मिलकर नरेश को सम्मान दिलवाएंगे।
मृतक रामवीर और रूबी के परिजनों का रोरोकर बुरा हाल
रामवीर की मां मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करती है