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ब्रजेश कांड पर उठते सवालों पर पुलिस ने दी सफाई, किया दावा- सुबोध रस्सी से बांधकर घसीटते हुए कुएं तक...

Sat, 01 Aug 2020 11:24 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
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ब्रजेश पाल हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
कई तरह के आरोपों से घिर रही पुलिस ने सफाई दी है कि ब्रजेश पाल की हत्या के बाद सुबोध शव को खेत में रस्सी से बांधकर घसीटते हुए ले गया था। शव के साथ ही रस्सी बरामद हुई थी। शव से हाथ गायब होने पर पुलिस ने चुप्पी साध रखी है।

चौरा स्थित धर्मकांटा मैजेनर ब्रजेश का 16 जुलाई की देर शाम अपहरण हो गया था। 13वें दिन दोस्त सुबोध सचान को गिरफ्तार कर ब्रजेश का शव कान्हाखेड़ा गांव के सूखे कुएं में बरामद हुआ था। घटना के खुलासे पर कई तरह के सवाल उठते रहे हैं। ब्रजेश की हत्या की जांच भोगनीपुर के कोतवाल धर्मेंद्र सिंह कर रहे हैं।
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ब्रजेश पाल हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
पुलिस का दावा है कि हत्या में गिरफ्तार कान्हाखेड़ा निवासी सुबोध सचान ने पूछताछ में बताया था कि रस्सी से गला कसकर ब्रजेश की हत्या की थी। इसके बाद कार से ले जाकर चकरोड से रस्सी के सहारे ही घसीट कर खेत से ले जाकर कुआं में डाला था।

पुलिस का मानना है कि घटना का पूरी तरह खुलासा हो गया है। शव अधिक सड़ जाने से गर्दन से सिर अलग हो गया था। सिर का कंकाल ही बचा था। गमछा, अंडरवियर और बनियान मिली थी। ब्रजेश के पिता शिवनाथ और मां विमला देवी ने फिर कहा है कि पुलिस की जांच से भरोसा उठ चुका है। उधर, सुबोध का इलाज कानपुर में कराया जा रहा है। पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
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ब्रजेश पाल हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
सभी बहनों को इकट्ठा कर बंधवाता था राखी  
बहन सीता व अनीता, चचेरी बहन लक्ष्मी, सरिता, संगीता व विनीता ब्रजेश को याद कर दिनरात रो रही हैं। उनका कहना है कि ब्रजेश सभी बहनों को एक साथ बुलाकर राखी बंधवाता था। ब्रजेश से सिर्फ बिनीता ही छोटी है। बाकी सभी बहनें बड़ी हैं। मां विमला देवी बेटियों की बातें सुनकर ब्रजेश को याद करके बिलख पड़ती हैं। 

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बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
नहीं दर्ज हुई चौकी प्रभारी के खिलाफ रिपोर्ट
तहरीर देने के बावजूद अमरौधा चौकी इंचार्ज के खिलाफ अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। परिजनों ने फिर कहा है कि पुलिस से उन्हें निष्पक्ष न्याय की उम्मीद नहीं है। ब्रजेश के मौसेरे भाई अखिलेश पाल व फुफेरे भाई मुकेश ने थाने मेें रखकर तीन दिनों तक मारपीट कर जुर्म कबूलने को कहने का आरोप लगाया था।
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ब्रजेश पाल हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
हत्या का खुलासा होने के बाद चौकी इंचार्ज पर रिपोर्ट दर्ज करने के लिए 29 जुलाई को लिखित तहरीर दी गई, लेकिन अफसर इसे दबाकर बैठ गए। कोरोना संक्रमित होने के कारण एसपी आइसोलेशन में हैं। ऐसे में प्रभार एएसपी अनूप कुमार के पास है। चौकी इंचार्ज के खिलाफ दी गई तहरीर के मामले में अफसर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
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