प्रयागराज-कानपुर हाईवे पर शनिवार को आधारपुर गांव के सामने तेज रफ्तार कार खड़े कंटेनर से टकरा गई। हादसे में कार सवार रेलवे कर्मी, उनके पिता और दो बेटियों की मौत हो गई, जबकि कार चला रही रेलवेकर्मी की पत्नी शिक्षिका व बेटा घायल हो गए हैं।
फतेहपुर में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के शिकार अमर सिंह व उनका परिवार अपना नया संसार बसाने निकले थे। नौकरी पेशा दंपती सालों बाद एक साथ रहने वाले थे। इसके लिए अमर ने चकेरी में नया घर भी बनाया था। लेकिन वहां पहुंचने से पहले दर्दनाक हादसे ने उनकी दुनिया ही उजाड़ दी।
दरअसल, अमर सिंह डेढ़ साल पहले ही गोरखपुर से कानपुर आए थे। वह गोविंदपुरी लोको शेड में इलेक्ट्रीशियन थे। पत्नी नीलम (37) प्रतापगढ़ के राजकीय इंटर कॉलेज में सहायक अध्यापिका हैं। हाल ही में उनका उन्नाव के राजकीय इंटर कॉलेज में ट्रांसफर हुआ था। शनिवार को अमर सिंह पिता रामकिशोर (65), बेटियां अनन्या (12), तन्नो (9) व बेटे अयांश (3) और नीलम को कानपुर शिफ्ट कराने के लिए प्रतापगढ़ से कार से निकले थे।
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रेलवे कर्मी की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खागा में आधारपुर हाईवे पर तेज रफ्तार कार पीछे से कंटेनर में घुस र्गई। अमर सिंह, उनके पिता व दोनों बेटियों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने पत्नी व बेटे को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया है।
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फतेहपुर में दर्दनाक हादसा
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, घटना की खबर से उनके मोहल्ले में माहौल गमगीन हो गया। पड़ोसी मनोज सिंह तोमर, कोमल यादव ने बताया कि अमर सिंह बहुत ही शालीन व्यक्ति थे।
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फतेहपुर में दर्दनाक हादसा
- फोटो : अमर उजाला
परिवार के साथ रहने को लेकर थे खुश
पड़ोसी अवधेश ने बताया कि पत्नी का उन्नाव में ट्रांसफर होने के कारण वह पत्नी व बच्चों को कानपुर में ही शिफ्ट करने को लेकर बहुत खुश थे। उन्होंने अवधेश से कहा था कि रेलवे की नौकरी में इधर उधर ट्रांसफर होते रहने के कारण उन्हें परिवार के साथ समय बिताने का मौका नहीं मिल पाता है, जिसका उन्हें मलाल था।
लेकिन अब वे एक साथ रहने वाले थे। अमर ने धनतेरस पर ही टाटा की टियागो कार खरीदी थी। करीब डेढ़ साल पहले चकेरी स्थित घर को बनवाने के बाद वहां गृह प्रवेश भी किया था। सालों बाद जब परिवार को साथ रहने का मौका आया तो किस्मत ने परिवार को हमेशा के लिए जुदा कर दिया।