Banda Road Accident News: बिसंडा कस्बे में अनियंत्रित ट्रॉला से हादसा हुआ। दुर्घटना में छह लोगों की जान चली गई। घटना के बाद से परिजनों में मातम छा गया।
बिसंडा कस्बे में बुधवार शाम हुआ सड़क हादसा केवल दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और नो इंट्री की मांग को अनसुना करने का नतीजा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते भारी वाहनों की नो-इंट्री लागू कर दी जाती तो शायद छह लोगों की जान न जाती और कई परिवार उजड़ने से बच जाते।
घटना के बाद मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवराज और एडीएम मायाशंकर लोगों को समझाने में जुटे रहे, लेकिन मृतकों के परिजन और स्थानीय लोग मुआवजे के साथ-साथ कस्बे में तत्काल नो-इंट्री लागू करने की मांग पर अड़े रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि कस्बे के भीतर से रोजाना ओवरलोड बालू ट्रक तेज रफ्तार से गुजरते हैं। कई बार शासन-प्रशासन को ज्ञापन देकर भारी वाहनों पर रोक लगाने की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बकरीद की खरीदारी के लिए बिसंडा जा रहे थे ई रिक्शा सवार
हादसे में दो मुस्लिम परिवारों के यहां मातम छा गया। बकरीद के त्योहार के ठीक एक दिन पहले हुए हादसे पूरा गांव गमगीन है। जबकि तीन अन्य भी मरने वाले कोर्रही गांव के ही है। उनके घर में भी मातम पसरा है। बिसंडा थाना क्षेत्र के कोर्रही गांव निवासी मुबीन (40) सऊदी अरब में रहकर कमाता था। वह छह साल बाद दो महीना पहले अपने गांव आया था। यहां बकरीद की खरीदारी के लिए वह बिसंडा आ रहा था। तभी ओरन रोड के पास हादसा होने से उसकी मौत हो गई।
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- फोटो : अमर उजाला
परिवार ने 10 वर्षीय बेटे को खो दिया
स्थानीय लोगों के मुताबिक मुबीन के दो पुत्र हैं। इसी तरह से ई रिक्शा में एक दूसरा मुस्लिम परिवार भी बैठा था। कोर्रही निवासी शबाना (40) ने बताया कि उसके पति पीरू मुंबई में रहकर कमाते हैं। शबाना अपने पुत्र शहबाज (10) व तीन माह की बेटी साफिया के साथ बिसंडा में बकरीद की खरीदारी करने आ रही थी। लेकिन रास्ते में ट्राला की टक्कर से उसने अपने 10 वर्षीय बेटे को खो दिया। उधर, मुबीन के घर में भी मातम पसरा है। सभी लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए हैं। शबाना के घर में भी कोई नहीं है।
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शबाना अपनी बच्ची के साथ बिसंडा पीएचसी में भर्ती रही है। उधर, कोर्रही निवासी मृतका ममता व ई रिक्शा चालक राकेश के घर भी मातम पसरा है। जबकि देर रात ई रिक्शा में सवार सोहनलाल की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत होने से हादसे में घायल उसकी पत्नी बौरी और बेटी शिवकली का रो-रोकर बुरा हाल है। बिसंडा थाना इंस्पेक्टर सुखराम सिंह ने बताया कि परिजनों से तहरीर ली जा रही है।
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तीन माह की मासूम को मां के आंचल ने बचाया
कोर्रही गांव की पीरू की पत्नी शबाना, उसका पुत्र शहबाज और तीन माह की पुत्री साफिया बिसंडा आ रहे थे। गनीमत थी कि बेटी को शबाना अपनी गोद में लिए थी। हादसे के समय एक मां ने अपने बच्चे का कवर करते हुए अपने में छिपा लिया। जिससे मासूम साफिया बच गई। जबकि हादसे में उसका भाई शहबाज की मौत हो गई।
हर हाल नो इंट्री का होगा पालन : डीएम
बिसंडा में हुए हादसे की जानकारी लगने पर रात में जिलाधिकारी अमित आसेरी मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने आक्रोशित लोगों से बातचीत की। जिलाधिकारी ने कहा कि नो इंट्री का पालन हर हाल में कराया जाएगा। हादसों को रोकने के लिए ठोस रणनीति पर अमल किया जाएगा। मृतकों को मुआवजा दिलाया जाएगा।
बिसंडा में हुए हादसे में घटना स्थल पर पहुंचकर ट्रॉला के कागजात चेक किए हैं। गाड़ी में रॉयल्टी थी और अंडरलोड थी। - राज रंजन, जिला खनिज अधिकारी, बांदा