Unnao Road Accident News: एक्सप्रेसवे पर हुए बस हादसे में सात लोगों की जान चली गई। जबकि 24 लोग घायल हुए। बताया जा रहा है कि चालक को झपकी आने से हादसा हुआ।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुए सड़क हादसे में सात लोग मौत की नींद सो गए। जबकि 24 यात्री घायल हो गए। बस में सवार यात्रियों में बृजेश कुमार और विनय यादव ने बताया दिल्ली से गोरखपुर जा रहीं बस को पहले आगरा थाना के धरमपुर निवासी विनय शर्मा चला रहे थे। घटना से करीब आधा घंटे पहले रास्ते में उनको झपकी आने से बस कार से टकराते बची थी। तभी यात्रियों में चीख-पुकार मची थी। यह देख विनय के साथ रहे दूसरे चालक दीपक ने उससे बस ले ली थी, फिर विनय सोने चला गया था। उसके कुछ देर बाद ही यह घटना हो गई।
बस के नीचे दबकर हुई थी उपनिरीक्षक और बंदी की मौत
बस की तेज रफ्तार और चालक की झपकी ने सात जानें ले लीं, साथ ही 24 यात्री अभी भी जिंदगी और मौत से लखनऊ स्थित अस्पताल में जूझ रहे हैं। जिस समय घटना हुई वहां मौजूद लोग भी बस की रफ्तार देख दहशत में आ गए। एक्सप्रेसवे पर बस पलटने से घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी धनंजय, धीरज और अरुण ने बताया कि बस की रफ्तार करीब 120 थी। बस का दाहिना हिस्सा एक्सप्रेसवे पर अंडरपास के पास डिवाइडर पर चढ़कर पुलिया से टकरा और बस बायीं ओर पलट गई। हादसे में एक्सप्रेसवे के किनारे लगी लोहे की सेफ्टी ग्रिल भी टूट गई।
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- फोटो : अमर उजाला
30 फीट नीचे गिरे यात्री
यात्री भी एक्सप्रेसवे से 30 फीट नीचे खंती में गिरकर घायल हो गए और चीख-पुकार मच गई। यूपीडा के मुख्य सुरक्षा अधिकारी प्रभात कुमार अवस्थी सुरक्षा अधिकारी आरके चंदेल सहायक सुरक्षा अधिकारी चंद्रप्रकाश वर्मा, सहायक सुरक्षा अधिकारी अलीशेर खान ने घटना के बाद यात्रियों का बिखरा सामान हटवाया और क्रेन की सहायता से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात सामान्य कराया। इस दौरान डेढ़ घंटे तक यातायात भी प्रभावित रहा।
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- फोटो : amar ujala
घटनास्थल पर पुलिस और यूपीडा कर्मियों को पहुंचने में लगा आधा घंटा
एक्सप्रेसवे पर घटनास्थल से लेकर स्वास्थ्य केंद्र तक घायलों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घटना के करीब आधे घंटे बाद यूपीडा और पुलिस के लोग मौके पर पहुंचे तब राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। करीब 20 एंबुलेंसों से घायलों को स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां भी पर्याप्त स्टाफ न होने से घायल तड़पते रहे।
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- फोटो : amar ujala
सीएचसी में भी नहीं था पर्याप्त स्टाफ
जिस समय घायलों को लाया गया था सीएचसी में डॉ. सुमित, फार्मासिस्ट प्रेमचंद और वार्ड बॉय सतीश मौजूद थे। ऐसा इसलिए कि सोमवार को अन्य स्टाफ काम के बाद घर चला गया था। जबकि सभी को जिला छोड़ने के आदेश नहीं हैं। मरीजों के सीएचसी पहुंचने के करीब एक घंटे बाद सीएचसी प्रभारी डॉ. अनूप तिवारी और दो फार्मासिस्ट संजेश गुप्ता और विपिन कुमार अस्पताल पहुंचे। इस दौरान यात्री दर्द से परेशान रहे।
तेज रफ्तार के हो चुके हैं चार चालान
स्लीपर बस सरोज ट्रेवल्स की है। गाड़ी का पंजीकरण 27 फरवरी 2026 का है। वाहन के अब तक कुल पांच चालान हो चुके हैं। इसमें चार 500-500 रुपये के तेज रफ्तार के हैं। हिमाचल प्रदेश में दूसरे राज्य का परमिट होने की वजह से 50 हजार रुपये का चालान हो चुका है। गाड़ी का बीमा मार्च 2027 तक का है। 22 फरवरी 2028 तक की गाड़ी की फिटनेस है।