यूपी के इटावा जिले में बैंक की कर्जदारी का एक अनाेखा मामला सामने अाया है। यहां माता पिता की माैत के बाद उनकी दाे मासूम बेटियाें पर बैंक ने कर्ज ट्रांसफर कर दिया है। जब बेटियाें काे इसके लिए बैंक ने नाेटिस थमाया ताे उन्हाेंने मदद के लिए प्रशासन के दरवाजे खटखटाए।
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पीड़िता
औरैया में बैंक से लोन लेने के बाद पिता का देहांत हो गया। मां पहले से नहीं थी। मृतक किसान की दो नाबालिग बेटियों की जिम्मेदारी दादा-दादी पर आ गई। ऐसे में बैंक ने मृतक किसान का ऋण दोनों बेटियों के नाम पर उन्हें कर्जदार बना दिया। जिस पर दो बेटियां जिला मुख्यालय पहुंची और एडीएम से गुहार लगाई। दोनों बहनों ने ऋण माफी योजना का लाभ दिलाने की मांग की।
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डेमो पिक
दिबियापुर क्षेत्र के जयकरन पुर्वा बिझाई गांव में रहने वाली रंजना और अंजुलता ने शनिवार को एडीएम रामसेवक द्विवेदी को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि छह वर्ष पूर्व उनके पिता अशोक कुमार ने किसान क्रेडिट कार्ड पर कंचौसी बाजार स्थित सेंट्रल बैंक से साढ़े चौंतीस हजार रुपये(34,500) का लोन लिया था। उसके बाद पिता की मौत हो गई। उनकी मां की मौत पहले ही हो चुकी थी।
अब वह लोग दादा-दादी के साथ रह रही हैं। पिता की मौत के बाद उनका कर्ज अब उन लोगों के ऊ पर आ गया है। वह लोग खुद बेसहारा हैं। ऐसे में ऋण चुकाने में असमर्थ हैं। दोनों बेटियों ने उनके पिता का कर्ज माफ कराने की मांग की। एडीएम रामसेवक द्विवेदी ने तुरंत अधीनस्थों को निर्देश दिए कि नियमानुसार कर्जमाफी के दायरे में आने पर फाइल बनाकर लाभ दिलाएं।