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Intelligence Report: डॉ. रिजवान से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा, हर चैट के साथ खास कोडिंग बनी पहेली

Wed, 14 Dec 2022 05:49 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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bangladeshi citizen case - फोटो : अमर उजाला
सुरक्षा एजेंसियों ने बांग्लादेशी नागरिक डॉ. रिजवान अहमद को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय और शासन को भेज दी है। बांग्लादेशी परिवार के मोबाइल, लैपटॉप, डेस्क टॉप पर मिले दस्तावेजों के साथ व्हॉट्सएप और इंस्टाग्राम के डिलीट की गई चैट से एजेंसियों को साक्ष्य नहीं मिले हैं।

इसके बावजूद एजेंसियां इस बात का पक्का संदेह जता रही हैं। एटीएस, एनआईए और आईबी के अफसरों ने डॉ. रिजवान और उसके ससुर खालिद माजिद से सोमवार को करीब आठ घंटे पूछताछ की थी। एनआईए ने इसकी रिपोर्ट केंद्र और सुरक्षा एजेंसी रॉ को भी भेजी है।

आर्यनगर से 11 दिसंबर को पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिक डॉ. रिजवान को पूछताछ के बाद सोमवार को रिजवान और उसके ससुर से पूछताछ के बाद पत्नी व बच्चों के साथ कोर्ट में पेश किया गया था। जहां से इन पांचों को जेल भेज दिया गया। अब पुलिस ने डॉ. रिजवान की रिमांड लेने के लिए मंगलवार को कोर्ट में अर्जी दाखिल की है।
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bangladeshi citizen case - फोटो : अमर उजाला
रिमांड अर्जी में लिखा है कि डॉ. रिजवान से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है। उन्हें पूछताछ के लिए 10 दिनों की रिमांड पर दिया जाए। पुलिस का दावा है कि अब तक की जांच में डॉ. रिजवान के पाकिस्तान कनेक्शन और कई देशों में यात्रा के संबंध में पुख्ता साक्ष्य मिले हैं।
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bangladeshi citizen case - फोटो : अमर उजाला
सुरक्षा एजेंसियों ने बांग्लादेशी एंबेसी से भी संपर्क किया है। एंबेसी की मदद से डॉ. रिजवान के पुराने संपर्कों को खंगाला जा रहा है। बांग्लादेश में डॉ. रिजवान क्या करता था, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल एजेंसियों ने दूतावास के मार्फत डॉ. रिजवान की रिपोर्ट मांगी है।

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bangladeshi citizen case - फोटो : अमर उजाला
मैसेज डिलीट मिले, हर चैट के साथ खास कोडिंग
सुरक्षा एजेंसियों ने जांच के दौरान डॉ. रिजवान मोहम्मद के सोशल मीडिया अकाउंट खंगाला तो व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम से मैसेज डिलीट मिले। वहीं कुछ विदेशियों से बातचीत के मैसेज एजेंसी के अधिकारियों को मिल गए हैं। पुलिस गंभीरता से इनकी जांच में जुटी है।
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bangladeshi citizen case - फोटो : अमर उजाला
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक हर चैट में खास कोडिंग की गई है और इसके बारे में डॉ. रिजवान ने अभी तक मुंह नहीं खोला है। ऐसे में डिलीटेड चैट और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स से मिली कोडिंग पहेली बनी हुई है। एंजेसी के विशेषज्ञ कोडिंग को सुलझाने में लगे हैं।
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bangladeshi citizen case - फोटो : अमर उजाला
कुछ संदिग्ध लोगों से मिले संपर्क
सूत्रों के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स से जानकारी मिली है कि डॉ. रिजवान के संपर्क में तमाम ऐसे लोग भी हैं, जो खुफिया एजेंसियों की लिस्ट में शामिल हैं। इसी वजह से डॉ. रिजवान को राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा माना जा रहा है। ऐसे कुछ लोगों से भी पूछताछ भी की गई है। डॉ. रिजवान अक्सर दिल्ली, मुंबई और लखनऊ भी जाने की भी जानकारी मिली है। इन शहरों में भी उसके संपर्कों को खोजा जा रहा है।
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bangladeshi citizen case - फोटो : अमर उजाला
जेल में विधायक से अलग रखा गया
जेल में रिजवान मोहम्मद और उसके ससुर खालिद को एक साथ डिटेंशन बैरक के पास वाली बैरक में रखा गया है, जो विधायक के बैरक से काफी दूरी पर है। वहीं रिजवान की पत्नी हिना और बेटी को महिला बैरक में रखा गया है। इन लोगों पर जेल प्रशासन ने निगरानी भी बैठा रखी है।

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bangladeshi citizen case - फोटो : अमर उजाला
बांग्लादेशी दूतावास से भी किया गया संपर्क
एजेंसियों ने बांग्लादेशी एंबेसी से भी संपर्क किया है। एंबेसी से डॉ. रिजवान के पुराने संपर्कों को खंगाला जा रहा है। अपने मूल निवास बंग्लादेश में डॉ. रिजवान की क्या कार्यप्रणाली थी, इसकी जानकारी की जा रही है। फिलहाल एजेंसियों ने दूतावास के मार्फत डॉ. रिजवान की रिपोर्ट मांगी है।

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bangladeshi citizen case - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि सोमवार को मूलरूप से बांग्लादेश के कुरला निवासी डॉ. रिजवान मोहम्मद, उसकी पत्नी हिना, ससुर खालिद, बेटी रुखसार, एक नाबालिग बेटे (17) को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। परिवार का एक युवक मोहम्मद अदीब लापता है। यह लोग वर्ष 2016 से यहां छिपकर रह रहे थे। जासूसी मामले में भी इनकी जांच की शुरू की गई है।
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इरफान सोलंकी - फोटो : अमर उजाला
डॉ. रिजवान मोहम्मद और उसके परिवार ने सपा विधायक इरफान सोलंकी और एक पार्षद द्वारा दिए प्रमाण पत्र के आधार पर आधार कार्ड बनवाया था। ऐसे में विधायक इरफान की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। जांच के बाद इस मामले में भी पुलिस उन्हें आरोपी बना सकती है।
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