यूपी के चित्रकूट जिले में पाठा के बीहड़ों में सुर्खियां बटोर रही दस्यु सुंदरी साधना पटेल को डकैतों की पाठशाला बचपन से ही मिली है। गांव के बाहर बसे पुरवा में मां और दो छोटे भाइयों के साथ बचपन गुजारने वाली साधना के घर डकैतों का आनाजाना कोई नई बात नहीं रही। कुछ माह में ही साधना पटेल यूपी-एमपी के बार्डर वाले गांवों में दहशत का पर्याय बन गई। मप्र पुलिस ने तो उसे दस हजार की इनामी बना दिया और अब तीस हजार का इनाम घोषित करने की स्वीकृति पुलिस विभाग ने शासन से मांगी है।
यूपी में पुलिस रिकार्ड में कोई मुकदमा नहीं, पर साधना का गैंग छह बार शिवरामपुर, भरतकूप व सीतापुर क्षेत्र में वारदातों को अंजाम दे चुका है। जिले के आपरेशन पोस्ट भरतकूप चौकी क्षेत्र के बगैहा गांव से सटे भड़हापुरवा निवासी होरीलाल पटेल की तीन संतानों में साधना सबसे बड़ी है, जबकि दोनों भाई छोटे हैं। हमेशा उसके पिता पर डकैतों से संबंध के आरोप लगते रहे।
पिता की मौत के बाद साधना का कहीं भी आना जाना आसान हो गया। कई बार वह डकैतों के संपर्क में भी आई। बचपन से ही डकैतों का सानिध्य पाकर साधना की सोहबत बिगड़ गई। गांव वालों से लड़ना झगड़ना और कई-कई दिन घर से गायब रहना साधना की दिनचर्या बन गई। इसी बीच साधना डकैत नवल धोबी के संपर्क में आ गई और बंदूक उठा ली।
पर एक साल बाद उसे भी छोड़ दिया और बंदूक उठाकर जंगल में उतर गई
दस्यु सुंदरी साधना पटेल
- फोटो : अमर उजाला
नवल धोबी गिरफ्तार हो गया तो दीपक शिवहरे गैंग लीडर बन गया और साधना उसकी प्रेमिका। साधना सुर्खियों में तब आई जब पिछले दिनों अपहरण कांड में उसका नाम आया। इसके बाद एमपी पुलिस ने साधना पटेल पर 21 अगस्त को एमपी के नया गांव थाने में अपहरण का मामला दर्ज कर उस पर दस हजार का इनाम घोषित कर दिया। वर्तमान समय में साधना पटेल के गिरोह में 20-20 हजार रुपये के तीन इनामी डकैत दीपक शिवहरे सेजवार, छोटू पटेल बंशीपुर और डाकू नवल धोबी का साला अजय उर्फ रावेंद्र राजा विश्वकर्मा है। इनके अलावा गैंग में मइयादीन पालदेव और अजय उफ रिंकू बघेल शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि गैंग मुखिया साधना पटेल के साथ कुछ और भी युवतियां शामिल हैं।
दस्यु सुंदरी साधना पटेल की एक बुआ पर आरोप हैं कि उसके संबंध मारे जा चुके 50 हजार के इनामी दस्यु चुन्नीलाल पटेल से थे। डाकू चुन्नीलाल वर्ष 2014 में चित्रकूट से पेशी से वापस बांदा जेल लौटते समय पुलिस पर हमलाकर 13 बंदियों के साथ राइफल छीनकर भाग निकला था। चुन्नी लाल आशिक मिजाज का डाकू था, जिससे गांव के लोग परेशान रहते थे। बताया जाता है कि ऐसे ही एक मामले में उसकी हत्या हुई थी।
दस हजार की इनामी डाकू साधना पटेल गैंग दिनोंदिन मजबूत होता जा रहा है। गैंग में शामिल आधा दर्जन युवक आए दिन गांवों में मारपीट की वारदातों को अंजाम देने के साथ विकास कार्यों मेें चौथ भी वसूल रहे हैं। मध्य प्रदेश की पुलिस ने तो दस्यु सुंदरी साधना पर 10 हजार से बढ़ाकर इनाम 30 हजार रुपये घोषित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। फिलहाल यह गैंग एमपी क्षेत्र में ही ज्यादा वारदात करता रहा है।
साधना पटेल ने दो शादियां कीं
डेमो पिक
यूपी क्षेत्र के कई स्थानों पर राहगीरों को मारापीटा, पर दस्यु सुंदरी के खिलाफ अभी तक यूपी क्षेत्र में कोई केस दर्ज नहीं है। एसपी मनोज कुमार झा ने बताया कि साधना पटेल गैंग का क्षेत्र में कोई वजूद नहीं है। कोई मुकदमा भी नहीं है। इसके बावजूद उसकी तलाश की जा रही है। मध्यप्रदेश के रींवा के आईजी उमेश जोगा ने बताया कि क्षेत्र को डकैतों से मुक्त करने का काम जारी है। चाहे जो डकैत हो उसे मार गिराने के लिए कांबिंग व अन्य रणनीति से काम हो रहा है।
साधना पटेल ने दो शादियां कीं
डाकू साधना पटेल की परिवार वालों ने साधना की शादी 17 साल की उम्र में भरतकूप क्षेत्र के एक गांव में की थी। छह माह बाद उसने पति को छोड़ दिया। इसके एक साल बाद मर्जी से पसंद के लड़के से शादी कर रहने लगी, पर एक साल बाद उसे भी छोड़ दिया और बंदूक उठाकर जंगल में उतर गई।
तीन माह में छह घटनाओं को दिया अंजाम
साधना गैंग ने अगस्त 2018 में भरतकूप के मुकुंदपुर गांव में बाइक सवार दुकानदारों को रोककर पीटा था। सितंबर में भगनपुर गांव के बाहर कुछ राहगीरों को पीटकर नगदी लूटी। इसी माह में मानपुर के पास दो बाइक सवार को रोककर पीटा था। अक्टूबर में ठर्री गांव के एक युवक को अगवा कर नगदी ली थी। इसी माह में रजौला गांव के पास राहगीरों को पीट लूटपाट की थी।