बांदा जिले में मटौंध थाना क्षेत्र के खैराडा क्रॉसिंग से कुछ ही दूरी दो ट्रेलर आमने-सामने टकराए थे। हादसा इतना भयानक था कि जिंदा बचे युवक ने अस्पताल में पूरी दास्तान सुनाते हुए कहा कि रात का वो पल शायद कभी भूल नहीं पाएगा। हादसे के बाद लगी आग की लपटों में चीखें दब गईं। साथी और वह मदद के लिए गुहार लगाते रहे, लेकिन मदद नहीं मिली। जिला अस्पताल के बिस्तर पर लेटा क्लीनर अभिषेक हादसे की जानकारी दे रहा, तो वह कांप रहा था।
उसने बताया हादसे के बाद अचानक चारों तरफ आग ही आग थी। वह लोग निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन रास्ता ही नहीं बचा था। साथी सुरेश पांडे आग में फंसे थे वह लोग मदद मांगता रहे, लेकिन कोई मदद नहीं कर पाया। करीब 20 मिनट तक चीखने-चिल्लाने के बाद धीरे-धीरे आवाज बंद हो गई और वह बेहोश हो गया। जब पुलिस ने निकाला, तब उसे होश आया। पुलिस से पता चला साथी सुरेंद्र की जलकर मौत हो गई। वही हाल दूसरी गाड़ी के चालक-क्लीनर का भी था।