फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जानिए शिवभक्त बाणासुर और उसके अद्भुत आश्रम के बारे में, प्राकृतिक गुफाओं से बहती है अविरल जलधारा 

Tue, 07 Aug 2018 08:39 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
सावन के महीने में जलभाभिषेक करने पहुंचते भक्त
विज्ञापन
यूपी की धर्मनगरी के नाम से मशहूर चित्रकूट जिले में शिवभक्त बाणासुर का एक प्राचीन आश्रम और शिव मंदिर स्थित है। मान्यता है कि यहां जो भी सच्चे मन से कुछ भी मानता है उसकी मुराद कुछ ही दिनों में पूरी हो जाती है।  भगवान शिव के भक्त बाणासुर की साधन स्थली ऋषियन आश्रम जिले के मऊ तहसहील के गांव बरहा कोटरा में है। जहां पर प्राचीन शिव मंदिर बना हुआ है। जहां सावन के महीने में भक्त पूजा करने के लिए दूर- दूर से आते हैं। इस बार भी मंदिर में पूजा विधिविधान से किया जा रहा है। 
विज्ञापन

 

चित्रकूट मऊ तहसील से 14 किमी दूर बरहा कोटरा गांव पड़ता है। कहा जाता है कि यह गांव बाणासुर जिसका रामचरित मानस में संत तुलसीदास ने धनुष यज्ञ लीला में जिक्र किया है। उसकी मां बरहा के नमा से पड़ा है।

 

विज्ञापन

बाणासुर की मां बरहा के नाम से गांव का पड़ा नाम बरहा कोटरा
यहां पर दो प्राकृतिक गुफाएं  है एक गुफा में पांच अद्वितीय शिवलिंग को स्पर्श करती अविरल जलधारा बहती है। जबकि दूसरी गुफा को बंद कर दिया गया है। बताया जाता है ऋषियन में पाताल नरेश शिव भक्त बाणासुर के अलावा तमाम ऋषियां ने तपस्या की थी।

भगवान श्रीराम वनवास जाते समय यहां रूक कर ऋषियों को आशीर्वाद दिया था। ऋषियन में आज भी पुराने गौरव को दोहराते हुए सात मंदिर अवशेष है। यहां पर शिवमंदिर, गणेश, मंदिर, दुर्गा, मंदिर, सूर्य मंदि आदि हैं। सूर्य मंदिर में सात घोड़ों का रथ भी बना है।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें