अकबरपुर लोकसभा सीट से सपा- बसपा गठबंधन से पिछड़ी जाति का प्रत्याशी उतारने के बाद भाजपा खेमे में हलचल शुरू हो गई है। सोमवार को पार्टी के कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र बैठक में आए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र में पिछड़ों और अनुसूचित जाति के मतदाताओं की संख्या के हिसाब से आकलन शुरू कर दिया गया।
विज्ञापन
2 of 5
डेमो
इस आकलन के पीछे यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि यदि पिछड़ों और अनुसूचित जातियों की संख्या के आधार पर प्रत्याशी उतारा जाए तो कैसा रहेगा। अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र में यादव, सचान, कटियार, पाल, कुशवाहा, विश्वकर्मा, निषाद जैसी करीब एक दर्जन पिछड़ी जातियां निवास करती हैं।
विज्ञापन
3 of 5
डेमो
सचान और कटियार की संख्या करीब दो लाख है तो यादव डेढ़ से दो लाख के करीब हैं। अनुसूचित जातियों और सवर्ण मतदाताओं की संख्या का भी आंकड़ा ठीक है। पूरे लोकसभा क्षेत्र में 18 लाख के आसपास मतदाता हैं।
4 of 5
डेमो
कार्यकर्ताओं की चर्चा में यह भी बात सामने आई कि अकबरपुर लोकसभा के आसपास की सीटों उन्नाव और फतेहपुर में भाजपा के टिकट से पिछड़ी जाति के सांसद हैं। ऐसे में भाजपा से अकबरपुर में पिछड़ी जाति को टिकट देना कितना मुफीद रहेगा।
पदाधिकारियों की चर्चा के बीच सवर्ण और पिछड़ी जातियों को लेकर अधिक मंथन हुआ। बताया जा रहा है कि चुनाव तिथि की घोषणा के 15 दिन बाद अलग-अलग सीटों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा कई चरणों में की जाएगी।