उत्तर प्रदेश के कानपुर में बी-फार्मा छात्र संगम यादव की मौत के मामले में पुलिस ने बुधवार को उसके आठ दोस्तों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। पुलिस ने हत्या व साक्ष्य मिटाने के आरोप में कार्रवाई की है। हालांकि, पुलिस को हत्या का साक्ष्य नहीं मिला है। लाश को फेंकने (साक्ष्य मिटाने) में इन आरोपियों पर शिकंजा कसना तय है।
विवेचना के दौरान पुलिस धाराओं में बदलाव कर सकती है। मूलरूप से कन्नौज के छिबरामऊ निवासी संगम यादव शहर के निजी कॉलेज से बी-फार्मा की पढ़ाई कर रहे थे। वह अकेले अपने मकान में रहते थे। एक जनवरी की सुबह बिठूर इलाके में सड़क किनारे संगम का शव पड़ा मिला था। परिजनों ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।