औरैया के दिलीप यादव हत्याकांड में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। शूटरों ने पहले दिलीप को बेरहमी से पीटा था, उसके बाद उसे खेत में लहूलुहान हालत में फेंककर गोली मार दी थी।
औरैया में हाइड्रा चालक दिलीप यादव की हत्या में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पोस्टमार्टम और सिटी स्कैन में यह जानकारी सामने आई है। हाइड्रा चालक दिलीप यादव की हत्या के मामले में सामने आ रहा है कि शूटरों ने उसे मारकर लहूलुहान कर दिया था। उनकी योजना दिलीप को जान से मारने की थी। ऐसे में जब खून से लथपथ दिलीप के प्राण नहीं निकले तो शूटरों ने उसके सिर के पीछे गोली मार दी। मामले को लेकर पुलिस ने गिरफ्तार प्रगति, उसके प्रेमी अनुराग व शूटर रामजी नागर से अलग-अलग और सामूहिक पूछताछ की है।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
बेला में शूटरों की अनुराग ने दिलीप की कराई थी पहचान
वहीं, क्राइम सीन के तहत अनुराग ने बेला में शूटरों की दिलीप की पहचान कराई। इसके बाद शूटरों ने बेला से कुछ आगे दिलीप को यह कहकर बुलाया कि नहर पर बिजली के खंभे रखे जाने हैं। हाइड्रा से कितनी लागत आएगी। इस पर एक शूटर उसे जगह दिखाने के लिए पलिया गांव समीप नहर किनारे ले गया।
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पुलिस की गिरफ्त में शूटर, प्रेमी और पत्नी
- फोटो : अमर उजाला
तीनों शूटरों ने दिलीप को मारपीट कर लहूलुहान किया
रास्ते में बारी-बारी दो अन्य शूटरों को भी साथी बताकर बाइक पर बैठा लिया। इसके बाद नहर किनारे सूनसान जगह पर ले जाकर तीनों शूटरों ने दिलीप को मारपीट कर लहूलुहान कर दिया, उसे जान से मारने के लिए एक शूटर ने दिलीप के सिर के पिछले हिस्से में गोली मार दी थी। पोस्टमार्टम में 10 घाव और सिटी स्कैन में गोली लगना आया है।
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Auraiya Murder
- फोटो : अमर उजाला
खुलासे के बाद शूटरों के खिलाफ हत्या का केस
19 मार्च को दिलीप लहूलुहान मिला था। हालत से अंदेशा यह जताया जा रहा था कि दिलीप के बचने की संभावना कम है। ऐसे में परिजनों ने जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई। वहीं प्रगति, अनुराग व तीन शूटरों की संलिप्तता उजागर करने वाले खुलासे के बाद पुलिस ने दर्ज मुकदमे में धाराएं बढ़ाई हैं। जानलेवा हमले की धारा 109 बीएनएस (307 आईपीसी) को हत्या, 103 बीएनएस (302 आईपीसी) में तब्दील किया गया है। इसमें तीनों शूटरों को शामिल किया गया है। वहीं हत्याकांड में संलिप्तता व साजिश के तहत 61-2 बीएनएस (120-बी आईपीसी) में प्रगति व अनुराग को शामिल किया है।
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वोटर लिस्ट में अनुराग का नाम मनुज नारायण
- फोटो : अमर उजाला
वोटर लिस्ट में अनुराग का नाम मनुज नारायण
दिलीप यादव की हत्या का आरोपी गांव सियापुर निवासी अनुराग उर्फ बबलू बेहद शातिर बताया जा रहा है। इसका अपने ही गांव के किसी परिवार में आना-जाना नहीं था। न ही किसी से करीबी थी। इसके पिता का भी गांव वालों से ज्यादा मेलजोल नहीं है। गांव के लोग कहते हैं कि अनुराग के गांव में किसी से अच्छे संबंध भी नहीं हैं, जिसकी वजह से ग्रामीण भी इसके परिवार से संबंध नहीं रखते थे।
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auraiya murder case
- फोटो : amar ujala
इसको क्षेत्र में तीन नामों अनुराग, बबलू और मनुज कुमार के नाम से जाना जाता है। गांव की वोटर लिस्ट में इसका नाम मनुज नारायण के नाम से दर्ज है। गांव में चर्चाएं है कि इसके पास खुद की बाइक भी नहीं है, लेकिन रोजाना बुलेट और स्कॉर्पियो से गांव में आकर रुतबे का दिखावा करता था। लोगों में चर्चा रही कि इसके संबंध भी क्षेत्र के आपराधिक किस्म के लोगों से हैं।
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विवाह के दौरान प्रगति के साथ दिलीप। फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पारुल बोली, देवर की हत्यारोपी बहन को दी जाए फांसी की सजा
प्रगति की करतूत से उसके परिजन भी उससे नाता तोड़ते जा रहे हैं। प्रगति की बड़ी बहन पारुल की शादी दिलीप के बड़े भाई संदीप के साथ 2019 में हुई थी। पारुल का कहना है कि बहन ने जिस प्रकार देवर की हत्या कराई है, उसी प्रकार उसे फांसी की सजा कानून से मिलनी चाहिए। उसका परिवार से कोई नाता नहीं है। परिवार वाले उसका चेहरा भी नहीं देखना चाहते हैं।
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विवाह के दौरान प्रगति के साथ दिलीप। फाइल फोटो
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औरैया में सौरभ राजपूत जैसा हत्याकांड
5 मार्च को मैनपुरी निवासी कारोबारी दिलीप कुमार (24) की शादी फफूंद निवासी प्रगति से हुई थी। शादी के 15 दिन बाद 19 मार्च को दिलीप को गोली मारी गई थी। दो दिन बाद उसकी मौत हो गई थी। जांच में जुटी पुलिस ने सोमवार को सनसनीखेज खुलासा किया। हत्याकांड की साजिश पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर रची। प्रगति को मुंह दिखाई में मिले रुपयों से भाड़े के शूटरों को सुपारी दी गई। पुलिस ने हत्यारोपी पत्नी, उसके प्रेमी अनुराग व एक शूटर को धर दबोचा है।
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auraiya murder case
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19 मार्च को शूटरों ने किया हमला
19 मार्च को मैनपुरी के भोगांव निवासी कारोबारी दिलीप कुमार (24) पर कन्नौज के उमर्दा में शूटरों ने हमला किया। शूटरों ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद सिर के पिछले हिस्से में गोली मार दी। बाद में उसे खेत में फेंक दिया। पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया। 21 मार्च को इलाज के दौरान दिलीप की मौत हो गई। दिलीप के पिता का क्रेन का कारोबार कई जिलों में फैला है।
दिलीप के परिवार के चलते हैं 12 हाइड्रा और 10 क्रेन
उनके पास 12 हाइड्रा और 10 क्रेन हैं। दिलीप औरैया में रहकर औरैया और कन्नौज में काम देखता था। वहीं प्रगति का परिवार भी पैसे से मजबूत बताया गया है। उज्जैन में उनका एक स्कूल संचालित होता है। हत्या के मामले में पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही थी। इसी दौरान सुपारी के रुपयों के लेनदेन की सूचना पर शनिवार को पुलिस ने हरपुरा के पास छापा मारा।