औरैया जिले के नारायनपुर मोहल्ले में रविवार को हुए डबल मर्डर में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। घटना के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी से जान गंवाने वाले अधिवक्ता मंजुल चौबे व उनकी चचेरी बहन सुधा के परिजन संतुष्टि तो जाहिर कर रहे हैं, साथ ही यह भी कह रहे हैं कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों का रवैया ठीक नहीं रहा है।
पुलिस सतर्कता दिखाती तो यह घटना न होती। नारायनपुर मोहल्ले के हनुमान मंदिर पर रविवार को दोपहर आरोपियों ने पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में अंधाधुंध फायरिंग कर अधिवक्ता मंजुल चौबे और उनकी चचेरी बहन सुधा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पीड़ित परिजनों की माने तो पुलिस की अब तक की कार्रवाई से वे संतुष्ट हैं। यदि इसी तरह आगे की कार्रवाई की जाती रही तो उन्हें न्याय मिलेगा।
2 of 6
औरैया में खूनी संघर्ष, दो की मौत
- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को मृतक के पिता शिव कुमार चौबे, गोली लगने से घायल भाई संजय चौबे आदि ने बताया कि घटना स्थल पर कोतवाली प्रभारी आलोक कुमार दुबे व अन्य पुलिसकर्मी पहले से मौजूद थे। घटना से पहले और घटना के समय किसी तरह की कार्रवाई न किए जाने से वह नाराज है। यदि मौके पर मौजूद पुलिस पहले ही सतर्क होती तो यह घटना नहीं घटती और आज उनके परिवार को यह दिन नहीं देखना पड़ता।
3 of 6
औरैया में खूनी संघर्ष, दो की मौत
- फोटो : अमर उजाला
बाजार तो खुला, लेकिन दहशत में दिखे लोग
नारायनपुर मोहल्ले में हनुमान मंदिर पर रविवार को दोपहर गोलियां बरसा कर अधिवक्ता मंजुल चौबे व उनकी चचेरी बहन सुधा की जान लेने के मामले में मंगलवार को तीसरे दिन भी शहर में कड़ी चौकसी रही। शहर के प्रमुख स्थानों पर फोर्स तैनात रही। हनुमान मंदिर पर दो बटालियन पीएसी तैनात है। वहीं, नारायनपुर तिराहे पर बाजार आज खुली, लेकिन लोग खौफजदा दिखे। इसके चलते बाजार में खास चहलपहल नहीं दिखी।
4 of 6
औरैया में खूनी संघर्ष, दो की मौत
- फोटो : अमर उजाला
डबल मर्डर के बाद से ही शहर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। घटनास्थल, आरोपियों और पीड़ित परिजनों के घरों के बाहर के अलावा नारायनपुर बाजार और शहर के अन्य मुख्य स्थानों पर अभी भी फोर्स तैनात है। शहर में सुभाष चौराहा, जेसीज चौराहा, तहसील के निकट भी पुलिसकर्मी तैनात रहे। घटनास्थल हनुमान मंदिर पर पीएसी की दो बटालियन मौजूद रही। वहीं, नारायनपुर तिराहे के पास लगने वाली बाजार के आसपास सौ मीटर तक जगह-जगह पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
5 of 6
औरैया में खूनी संघर्ष, दो की मौत
- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को नारायनपुर तिराहे के पास दुकानें खुलीं, लेकिन पूरे दिन लोगों में दहशत रही। इसके चलते बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। पुलिस प्रशासन इस मामले में किसी तरह की लापरवाही अब नहीं बरतना चाहते हैं। इसको लेकर पूरी तरह सख्ती बरती जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में अब पूरी तरह शांति है।
वकीलों ने नहीं किया कामकाज, जताया शोक
मोहल्ला नारायनपुर में हुए डबल मर्डर में अधिवक्ता मंजुल चौबे की मौत से साथी अधिवक्ताओं में शोक व्याप्त है। मंगलवार को कचहरी में अधिवक्ताओं ने शोक सभा की और कामकाज नहीं किया।
डीबीए की ओर से हुई शोकसभा में सभी अधिवक्ताओं ने अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ शुक्ला व महामंत्री संजीव कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में मंजुल चौबे के चित्र पर पुष्प अर्पित श्रद्धांजलि दी।
मंगलवार को सभी वकील शोक में न्यायिक कार्य से विरत रहे। डीबीए अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ शुक्ला ने अधिवक्ता मंजुल चौबे की हत्या पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर हृदय नारायण पांडेय, अशोक अवस्थी, महावीर शर्मा, हर प्रकाश शुक्ला, मो.अकरम, दिनेश सिंह चौहान, अंकुर अवस्थी अत्येंद्र पांडेय, शिवम शर्मा व रामू अवस्थी आदि मौजूद रहे।