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एथलेटिक्स प्रतियोगिता में छात्राओं के साथ छात्रों ने भी दिखाया दम, इन खिलाड़ियों ने मारा मैदान

Thu, 10 Oct 2019 10:01 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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मैदान में लड़कियों ने दिखाया दम - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में आर्य नगर स्थित पालिका स्टेडियम में गुरुवार को 65वीं जनपदीय विद्यालयी एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 600 प्रतिभागियों ने दमखम दिखाया। प्रतियोगिता में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज चुन्नीगंज, केके गर्ल्स कॉलेज, कानपुर विद्या मंदिर, गुरुनानक गर्ल्स इंटर कॉलेज समेत कई कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। 

 
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एथलेटिक्स प्रतियोगिता - फोटो : अमर उजाला
प्रतियोगिता में चार सौ मीटर व दो सौ मीटर दौड़ में सीनियर वर्ग में अजीत गुप्ता, प्रांजली कुशवाहा प्रथम आए। जूनियर वर्ग में आकाश गौतम, निशा वर्मा प्रथम आए। दो सौ मीटर जूनियर वर्ग दौड़ में सुनील कुमार व कंचन निषाद प्रथम रहे। लंबी कूद में सीनियर वर्ग में सूरज व प्रांशू अव्वल रहे।

 
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एथलेटिक्स प्रतियोगिता में छात्राओं का उत्साह बढ़ाने सजधज के पहुंची छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
जूनियर वर्ग में विराट सक्सेना, रिचा सचान प्रथम व सब जूनियर वर्ग में अभिषेक नायक, आयुषी सचान ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। गोला फेंक के सीनियर वर्ग में पवन व तहमीना ने प्रथम, जूनियर वर्ग में कलीम रहीम व निशा वर्मा ने पहला स्थान प्राप्त किया।

 

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एथलेटिक्स प्रतियोगिता - फोटो : अमर उजाला
15 सौ मीटर दौड़ में सीनियर वर्ग में हरिओम यादव व पारुल ने प्रथम, जूनियर वर्ग में राजेश सैनी व सुनीति शर्मा ने पहले स्थान पर जगह बनाई। आठ सौ मीटर दौड़ में सीनियर वर्ग में उदित नारायण व पारुल ने पहला, जूनियर वर्ग में राजेश सैनी व शिवानी ने पहला स्थान प्राप्त किया। अनुराग मिश्रा, गिरीश कुमार, पूनम सिंह, विनोद कुमार, सऊद अली, सत्य प्रकाश, आशीष शुक्ला, एनपी सिंह, मोहित दुबे समेत अन्य लोग मौजूद रहें।

 
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एथलेटिक्स प्रतियोगिता उत्साह बढ़ाती छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
चेंजिंग रूम न मिलने से हुई परेशानी
जनपदीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता के पहले दिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बड़ी लापरवाही देखने को मिली। बालिकाओं के लिए एक चेंजिंग रूम तक नहीं था, न ही बालिकाओें के लिए अलग बाथरूम था। इसके अलावा खिलाड़ियों के बैठने के स्थान पर टेंट तक की व्यवस्था नहीं की गई थी। जिसके चलते खिलाड़ियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं प्रतियोगिता कराने वाले जिम्मेदार अफसर इस विषय पर कुछ भी बोलने से कतराते रहे। 
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