कानपुर के सजेती कांड में पुलिस की एक और बड़ी शर्मनाक करतूत सामने आई है। सजेती से वापस घाटमपुर सीएचसी ले जाकर पुलिस ने पीड़िता को वहां लेबर रूम में रुकवाया था। पुलिस ने डॉक्टरों से कहा था कि सुबह पीड़िता का मेडिकल कराने कांशीराम अस्पताल ले जाना है तब तक उसको रोकना है।
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घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला
- फोटो : अमर उजाला
डॉक्टर उसको रोकना नहीं चाहते थे लेकिन पुलिस ने उन पर दबाव बनाकर रुकवाया। उसके कुछ ही घंटे बाद उसके पिता की मौत हो गई। मंगलवार शाम को एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस सबसे पहले पीड़िता को लेकर घाटमपुर सीएचसी पहुंची।
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रात पौने आठ बजे यहां से उसको कांशीराम अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। रात करीब दस बजे पुलिस उसको लेकर कांशीराम अस्पताल गई। जांच करने के बाद कुछ जांचें करने के लिए बुधवार को दोबारा बुलाया गया। तब पीड़िता व उसका परिवार यहां से सजेती लौट गया।
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फिर उनके पास फोन आया और कहा गया कि वापस घाटमपुर आना है। देर रात करीब दो बजे घाटमपुर सीओ के निर्देश पर एक ट्रेनी दरोगा व अन्य पुलिसकर्मी उनको लेने पहुंचे। इधर सीओ और घाटमपुर थानेदार ने सीएचसी के एक अधिकारी से फोन पर बात करके सुबह तक पीड़िता को रुकवाने की बात कही।
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तड़के करीब तीन बजे पुलिसकर्मी पीड़िता व उसके परिजनों को लेकर सीएचसी पहुंच गए। सीएचसी के सूत्रों के मुताबिक यहां पर लेबर रूम में उसको ठहराया गया। इससे एक बात तो साफ है कि पीड़िता को किसी तरह के इलाज की जरूरत नहीं थी। जबकि पुलिस अफसरों का कहना था कि उसको वहां पर भर्ती कराया गया था।