लोकसभा चुुनाव 2019 के रण में सभी दल चुनाव जीतने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में भाजपा के चाणक्य कहे जाने वाले और बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह का एक कदम यूपी की सियासत में भूचाल ला सकता है। अमित शाह के यूपी आने की सुगबुगाहट से ही विराेधी पार्टियों के हाथ पांव फूलने लगे हैं।
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मंच पर मौजूद अमित शाह, आदित्यनाथ व पीएम मोदी
- फोटो : amar ujala
ऐसे में चुनाव को अपने पक्ष में करने के लिए अमित शाह क्या चाल चलने वाले हैं राजनीति के सभी दिग्गज यही सोचने में लगे हुए हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह महानगर और अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र में चुनावी मुहिम को गति देने के लिए 13 अप्रैल को आ सकते हैं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह।
- फोटो : amar ujala
चर्चा है कि उसी दिन वह कांग्रेस के एक बड़े स्तंभ को ढहाकर उसे भाजपा का हिस्सा बना सकते हैं। इसकी तैयारी चल रही है। पहले यह काम लखनऊ में होना था। लेकिन, स्थानीय स्तर की बात होने से इसके लिए महानगर लोकसभा क्षेत्र को चुना गया है।
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अमित शाह
- फोटो : ANI
शनिवार की देर रात महानगर पहुंचे संगठन प्रदेश महामंत्री सुनील बंसल ने महानगर से जुड़ी सभी दस विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारियों, संयोजकों के साथ बैठक की। तय किया गया कि प्रत्याशियों की नामांकन प्रक्रिया के दिन से ही चुनाव की रफ्तार तेज करनी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का कार्यक्रम महानगर के लिए बन रहा है।
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी वाड्रा
- फोटो : PTI
इस मौके पर कांग्रेस के कई और बड़े नेताओं को पार्टी में शामिल कराने की प्रक्रिया चल रही है। मजे की बात यह है कि कांग्रेस के कुछ बड़े नेताओं के भाजपा में शामिल होने से जितनी खलबली कांग्रेस पार्टी में मची है, उससे कहीं ज्यादा भाजपा में है।
कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव तो अच्छे से निकल जाएगा, लेकिन 2022 के लिए घमासान शुरू हो गया है। यही वजह है कि कांग्रेस के कुछ बड़े नेताओं को भाजपा में शामिल कराने और बिना सामने आए उन्हें रोकने वाले नेता भी सक्रिय हो गए हैं। लेकिन इन नेताओं के आने से कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगने की बात कही जा रही है।