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बसपा छोड़ भाजपा में शामिल हुए नेता ने लगाए गंभीर आरोप, बोले...10 से 15 करोड़ में बिकती है एक टिकट

Sun, 07 Apr 2019 11:02 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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मायावती - फोटो : amar ujala
लोकसभा चुनाव 2019 अपने चरम पर है। ऐसे में बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए एक नेता ने बहुजन समाज पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वहां करोड़ों रूपयों में टिकट बेंचे जाते हैं। लोकसभा चुनाव का टिकट हो या विधानसभा चुनाव का टिकट सबकी एक कीमत होती है। 


 
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मायावती-अखिलेश यादव - फोटो : गूगल
कानपुर लोकसभा क्षेत्र में रविवार को कांग्रेस और बसपा को बड़ा झटका लगा। ब्राह्मण और ठाकुर बिरादरी के दो प्रमुख नेता कांग्रेस के एडवोकेट मनोज सिंह और बसपा के आरके वाजपेयी अपने समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल हो गए। उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने इन दोनों को एक कार्यक्रम में पार्टी की सदस्यता दिलाई। महानगर में ब्राह्मण और ठाकुर बिरादरी के मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा है।

 
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डिप्टी सीएम से दिनेश शर्मा - फोटो : अमर उजाला
भाजपा लगातार इन्हीं दोनों बिरादरी के दूसरी पार्टियों से जुड़े नेताओं के बीच सेंध लगा रही है। दो दिन में यह दूसरा झटका कांग्रेस को मिला है। इससे पहले कांग्रेस की महासचिव रहीं आरती दीक्षित ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। दामोदर नगर बर्रा निवासी आरके वाजपेयी ने अपनी राजनीति शुरुआत बामसेफ से शुरू की। इसके बाद वह बसपा के गोविंदनगर विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी बनाए गए।


 

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बसपा कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होने वाले नेता - फोटो : अमर उजाला
2002 में बसपा के जिला कोआर्डिनेटर रहे और जिला महासचिव की जिम्मेदारी भी संभाली। 2015 में किदवई नगर विधानसभा क्षेत्र से बसपा के प्रत्याशी भी बनाए गए। वर्तमान में वह निर्बल व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष भी हैं। लंबे समय से वह बसपा में ब्राह्मणों की राजनीति करते आए हैं। वहीं रतनलाल नगर निवासी युवा कांग्रेसी नेता मनोज सिंह 2000-2002 में विश्वविद्यालय छात्र संघ (डीबीएस कालेज) के अध्यक्ष थे।

 
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लोकसभा प्रत्याशी सत्यदेव पचौरी के साथ डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा
कई साल तक शहर की छात्र राजनीति में उनका दबदबा रहा। इसके बाद कांग्रेस से जुड़ गए। नेशनल कोल कंज्यूमर काउंसिल मेंबर, केंद्रीय श्रमिक शिक्षा बोर्ड, टेलीफोन सलाहकार समिति, नेशनल हैंडीक्राफ्ट बोर्ड मेंबर के सदस्य रहे। यूथ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष और पीसीसी मेंबर भी रहे। किरण बेदी की सेफर इंडिया संस्था के साथ उन्होंने एंबेसडर के रूप में काम किया। अधिवक्ताओं की राजनीति में भी काफी सक्रिय हैं।

 
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पीएम मोदी, राहुल गांधी, अखिलेश यादव, मायावती
इन दोनों के भाजपा में आने पर पार्टी प्रत्याशी सत्यदेव पचौरी, जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी, अनीता गुप्ता, अनूप पचौरी, मणिकांत निगम, अनूप अवस्थी सहित अनेक भाजपाइयों ने इनका स्वागत किया। आरके वाजपेयी ने कहा बसपा को छोड़ने की मुख्य वजह यह है कि वहां पर लोकसभा और विधानसभा टिकट के लिए 10 से 15 करोड़ रुपये की डिमांड की जाती है।

 
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पीएम मोदी, राहुल गांधी, अखिलेश यादव, मायावती - फोटो : गूगल
ऐसी राजनीति से आजिज आ गए थे। भाजपा संगठन आधारित पार्टी है, इसीलिए यहां आ गए। मनोज सिंह ने बताया कांग्रेस में शहर में दो ही नेता रह गए हैं, एक श्रीप्रकाश जायसवाल और दूसरे अजय कपूर। इन दोनों नेताओं की वजह से कांग्रेस में युवाओं का भविष्य चौपट है। दोनों नेता युवाओं को आगे बढ़ने ही नहीं देते। इसीलिए भाजपा में आ गए।
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