फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमर उजाला गांव की लाइव: हम तेरे वादों पर भरोसा कर वोट देते रहे लेकिन हर बार छले गए

Thu, 11 Apr 2019 06:43 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 6
अमर उजाला गांव की लाइव - फोटो : अमर उजाला
सरकारें आई गईं निजाम बदलते रहे। हम तेरे वादों पर भरोसा कर वोट देते रहे लेकिन हर बार छले गए। यह दर्द कानपुर देहात के अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गजनेर रोड स्थित गांव चंद्रनगर के ग्रामीणों का है। माती मुख्यालय से सिर्फ सात किलोमीटर की दूरी पर बसे इस गांव में बल्ब नहीं, चिराग की रोशनी का सहारा है।

यहां के लोगों में लोकतंत्र में भागीदारी को लेकर उत्साह है। राजनीति में रुचि का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गांव में एक जिला पंचायत सदस्य भी हैं। कहने को कानपुर देहात खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित हो चुका है, लेकिन इस गांव में एक भी शौचालय नहीं है।
विज्ञापन

2 of 6
अमर उजाला गांव की लाइव - फोटो : अमर उजाला
चंद्रनगर गांव ग्राम पंचायत कोरारी का मजरा है। 500 की आबादी व 225 मतदाता हैं। गांव के शिवसागर सिंह, राजेंद्र सिंह, जहान सिंह ने बताया कि गांव बड़ा न होने की वजह से नेता ध्यान नहीं देते हैं। यहां सिर्फ पिछड़े वर्ग के एक ही जाति के लोग रहते हैं। अधिकांश ग्रामीण मजदूरी करते हैं, लेकिन राजनीति में रुचि रखते हैं। यहां के बड़ेलाल चौहान तिलौंची सीट से वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य हैं।
विज्ञापन

3 of 6
अमर उजाला गांव की लाइव - फोटो : अमर उजाला
कुसुम कली और रानी देवी ने बताया कि वृद्धावस्था पेंशन के लिए 35 पात्र हैं जिसमें सिर्फ 5 को मिल रही है। प्रतिमा देवी कहती हैं कि 15 विधवाओं में से किसी को पेंशन नहीं मिली। तीन विकलांग हैं, वह भी पेंशन के लिए भटक रहे हैं। गांव में नाली खड़ंजा न होने से बारिश में जलभराव की समस्या से जूझना पड़ता है।

4 of 6
अमर उजाला गांव की लाइव - फोटो : अमर उजाला
खुले में शौच जाते हैं ग्रामीण
चंद्रनगर गांव में करीब 70 घर हैं लेकिन एक भी शौचालय का निर्माण नहीं हो सका। यहां केवल जिला पंचायत सदस्य के यहां शौचालय बना है वह भी उन्होंने अपने निजी धन से बनवाया है। इसके अलावा हर ग्रामीण खुले में शौच जाता है।

गांव में नहीं हो सका विद्युतीकरण
चंद्रनगर में बिजली नहीं पहुंची। ग्रामीण नेताओं से विद्युतीकरण कराए जाने की मांग करते रहते हैं जिसमें सिर्फ आश्वासन मिलता है।
विज्ञापन

5 of 6
अमर उजाला गांव की लाइव - फोटो : अमर उजाला
30 परिवार रह रहे झोपड़ी में
अधिकांश लोगों के कच्चे घर हैं। लोग मजदूरी करके पेट पाल रहे हैं। गांव के रमेश, राजू, नरेंद्र सिंह ने बताया कि करीब 30 परिवार तो ऐसे हैं जिनके पास साबुत झोपड़ी तक नहीं है टट्टर के नीचे जिंदगी गुजार रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
अमर उजाला गांव की लाइव - फोटो : अमर उजाला
दो किमी दूर स्कूल जाते नौनिहाल
गांव में प्राइमरी स्कूल नहीं है। नौनिहालों को दो किलोमीटर दूर उस्मानपुर जमरेही जाना पड़ता है। गांव के गंगा सिंह, शैलेंद्र, धर्मेंद्र ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से गांव में स्कूल भवन बनाने का प्रस्ताव बनाया गया था। शासन स्तर पर मामला लटक गया। अभी तक स्कूल का निर्माण नहीं हुआ।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें